फोटो कैप्शन : सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल जाने वाली सेतो मोड़ से मुख्य द्वार तक की जर्जर सड़क, जगह-जगह बने गड्ढों में जमा पानी।
कांडी/प्रतिनिधि। लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर कांडी प्रखंड के प्रसिद्ध सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल पर तैयारियां तेज हो गई हैं। पर्व को देखते हुए परिसर में साफ-सफाई का काम जोर-शोर से चल रहा है। हर साल की तरह इस बार भी यहां बड़ी संख्या में व्रतियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध यह तीर्थ स्थल छठ के दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है। यहां सालों भर बहने वाला मनोरम झरना, पंडी नदी की कल-कल करती धारा और चारों ओर फैली हरियाली श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती है। छठ के अवसर पर पूरा परिसर साफ-सफाई के बाद आकर्षक रूप ले लेता है।
इस स्थल की खासियत है कि यहां झारखंड के अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु छठ व्रत करने पहुंचते हैं। नदी और प्राकृतिक जलस्रोत की उपलब्धता के कारण व्रतियों को स्नान करने और भगवान भास्कर को अर्घ्य देने में सुविधा होती है। यही वजह है कि दूर-दराज के लोगों के बीच भी इस स्थल की विशेष पहचान बनी हुई है।
तीर्थ परिसर में मां सतबहिनी, मां लक्ष्मी, मां काली, बाबा भैरवनाथ, भगवान गणेश, बाबा भोलेनाथ और नंदी महाराज सहित कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं। छठ व्रतियों की सुविधा के लिए यहां सूर्य मंदिर भी है। श्रद्धालुओं की आस्था और प्राकृतिक वातावरण के कारण यह स्थल सालों भर लोगों को आकर्षित करता है। यहां की व्यवस्था और देखरेख विकास समिति की ओर से की जाती है।
जर्जर सड़क से व्रतियों को होगी परेशानी
एक ओर जहां छठ महापर्व को लेकर तीर्थ स्थल में साफ-सफाई और तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर यहां पहुंचने वाली सड़क की बदहाल स्थिति श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सेतो मोड़ से सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल के मुख्य द्वार तक जाने वाली सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इनमें पानी जमा होने से सड़क की स्थिति और खराब हो गई है।
छठ महापर्व के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में व्रती, श्रद्धालु और वाहन गुजरेंगे। ऐसे में पैदल आने-जाने वाले लोगों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छठ महापर्व को देखते हुए प्रशासन को तत्काल सड़क के गड्ढों में मोरम भरवाने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी नहीं हो। लोगों का कहना है कि इतने प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल तक पहुंचने वाली सड़क की बदहाली पर अब तक किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
