फोटो कैप्शन : पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाली वंदना दुबे। (फाइल फोटो)
वंदना दुबे को मिली हिंदी में पीएचडी की उपाधि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय से हिंदी विषय में हासिल की पीएचडी की उपाधि, परिवार में खुशी
कांडी/प्रतिनिधि। कांडी प्रखंड की बेटी वंदना दुबे ने हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें मानविकी संकाय के हिंदी विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है।
वंदना दुबे कांडी प्रखंड के कसनप गांव निवासी बीरेंद्र तिवारी एवं प्रभा देवी की पुत्री हैं। उनकी शादी वर्ष 2009 में गढ़वा जिले के करुआ कला निवासी शंभूनाथ तिवारी के पुत्र सुशील तिवारी के साथ हुई थी। उनके पति सुशील तिवारी नगर ऊंटारी प्रखंड के पीपरडीह स्थित हाई स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, उनके ससुर शंभूनाथ तिवारी कांडी बालिका विद्यालय के प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार, सितंबर 2026 में आयोजित परीक्षा के बाद विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इस उपलब्धि पर माता-पिता, ससुराल पक्ष और परिजनों ने प्रसन्नता जाहिर की है। वहीं, शिक्षक समाज, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वंदना की यह सफलता क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
