बाढ़ प्रभावित परिवारों को पलामू टाइगर रिजर्व ने बांटी राहत सामग्री News

मंडल डैम डूब क्षेत्र में बाढ़ का कहर: कुटकू, भजना और खुरा के 36 बाढ़ प्रभावित परिवारों को पलामू टाइगर रिजर्व ने बांटी राहत सामग्री
*लगातार बारिश और डैम में लकड़ी फंसने से घरों में घुसा पानी; 700 से अधिक परिवारों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, बिश्रामपुर में पुनर्वास की तैयारी।*
पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से और मंडल डैम में लकड़ी व अन्य कचरा फंसने के कारण जलस्तर अचानक बढ़ गया है। डैम के डूब क्षेत्र में स्थित गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से व्यापक नुकसान हुआ है, जिसके बाद कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। संकट की इस घड़ी में पलामू टाइगर रिजर्व उत्तरी प्रमंडल पदाधिकारियों/ कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए मंगलवार को प्रभावित ग्रामीणों के बीच बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया।
*36 परिवारों को तत्काल सहायता*
पलामू व्याघ्र परियोजना (पीटीआर) के उप निदेशक श्री प्रजेश कांत जेना के निर्देश पर मदगड़ी स्थित कुटकू वन प्रक्षेत्र कार्यालय परिसर में बाढ़ राहत सामग्री वितरण शिविर आयोजित किया गया। अभियान के तहत मंडल डूब क्षेत्र के अत्यंत प्रभावित कुटकू, भजना और खुरा गांव के 36 चिन्हित प्रभावित परिवारों को आवश्यक बाढ़ राहत सामग्री- प्राथमिक उपचार किट, खाद्य सामग्री, तिरपाल, मच्छरदानी इत्यादि प्रदान की गई। सामग्री का वितरण वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) श्री अजय टोप्पो द्वारा किया गया।
रात में निगरानी और जागरूकता अभियान
क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है। वन विभाग ने ग्रामीणों को जलभराव और डूब वाले इलाकों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त हिदायत दी है। रात्रि के समय अचानक जलस्तर बढ़ने के खतरे से निपटने और ग्रामीणों को सतर्क रखने के लिए इको विकास समितियां (EDC) जमीनी स्तर पर लगातार जागरूकता व निगरानी अभियान चला रही हैं।

ऐसी आपदाओं के अलावे इन सुदूरवर्ती गांवों में अनेक मौलिक संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण जीवन स्तर काफी प्रभावित करता है।
डूब क्षेत्र में आने वाले इन 07 गांवों का स्वैच्छिक पुनर्वास की प्रक्रिया आरम्भ हो चुका है जिसमें प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के पश्चात् विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकेगा और भविष्य में ऐसी आपदा की स्थिति को टाला जा सकेगा।

वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रभारी वनपाल आलोक कुमार पाठक, प्रधान वनरक्षी संतोष कुमार और वनरक्षी उमेश उरांव समेत इको विकास समिति के सदस्य मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि संकट के इस दौर में वन विभाग हर संभव प्रशासनिक व जमीनी मदद उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तत्पर है।

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