एक ही रात दो मौतों से पसरा मातम, गरीब परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ Kandi

सोनपुरा में एक ही रात दो मौतों से पसरा मातम, गरीब परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
कांडी (गढ़वा)। कांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत बलियारी पंचायत के सोनपुरा गांव में बीती रात लगातार दो परिवारों में मौत होने से पूरे गांव में मातम पसर गया। एक ही गांव में कुछ ही दूरी पर दो लोगों की अचानक मौत की खबर से ग्रामीण स्तब्ध रह गए। दोनों परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बताए जा रहे हैं और घर के कमाऊ सदस्य के चले जाने से परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सोनपुरा निवासी रामजन्म राम (42 वर्ष), पिता स्व. इंद्रदेव राम की बीती रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों के अनुसार रामजन्म राम को पिछले कुछ समय से सांस संबंधी परेशानी थी। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कर्ज लेकर इलाज कराया था। शुक्रवार को तबीयत खराब होने पर वे दवा लेने गए थे। घर लौटने के बाद शाम में सो गए। रात में अचानक सांस लेने में परेशानी हुई और बिस्तर से गिर पड़े। परिजन उन्हें इलाज के लिए कांडी अस्पताल ले गए, जहां से खरसोता भी ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत बताया।
रामजन्म राम परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनके पीछे दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। बड़ा पुत्र सूरज करीब 15 वर्ष और छोटा पुत्र रोहित करीब 11 वर्ष का है। बड़ी पुत्री की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां अभी छोटी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद बच्चों की पढ़ाई, भोजन और परिवार के भरण-पोषण का संकट गहरा गया है।
पड़ोस में दूसरी मौत, कैंसर से जूझ रही बैजन्ती ने भी तोड़ा दम
इसी गांव में पड़ोस में स्व. गोपाल बरई की पत्नी बैजन्ती देवी (लगभग 60 वर्ष) की भी बीती रात मौत हो गई। परिजनों के अनुसार बैजन्ती देवी लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और करीब चार महीने से इलाज चल रहा था। उनका इलाज पटना के महावीर अस्पताल से कराया जा रहा था। दो दिन पहले ही उन्हें घर लाया गया था। बीती रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद बिस्तर से गिर गईं और उनकी मौत हो गई।
बैजन्ती देवी के पीछे तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। बड़ा पुत्र पप्पू टेंपो चलाकर परिवार का सहारा बनता है, जबकि दूसरा पुत्र मंटू घर पर रहता है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है। लंबे इलाज के बाद अब परिवार के सामने आर्थिक संकट और गहरा गया है।
पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना की जानकारी मिलने के बाद विश्रामपुर विधायक नरेश प्रसाद सिंह मृतक रामजन्म राम के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने तथा हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
वहीं पंचायत समिति सदस्य मीरा सिंह ने दोनों मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। बलियारी पंचायत के भावी मुखिया प्रत्याशी सुजीत कुमार मेहता भी बैजन्ती देवी के घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
सरकारी मदद की आस में टकटकी लगाए बैठे परिवार
एक ही रात दो परिवारों के उजड़ने की घटना ने गांव के लोगों को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी से जूझते गरीब परिवारों के लिए इलाज का खर्च उठाना पहले ही मुश्किल है। ऐसे में घर के कमाऊ सदस्य की मौत के बाद परिवार के सामने राशन, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा के खर्च का संकट खड़ा हो जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति का तत्काल आकलन कर सरकारी सहायता, पारिवारिक लाभ योजना, राशन, आवास एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ ही जरूरतमंद परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल हो, ताकि असहाय परिवारों को इस कठिन समय में कुछ सहारा मिल सके।
सोनपुरा की यह घटना सिर्फ दो परिवारों की त्रासदी नहीं, बल्कि यह सवाल भी छोड़ गई है कि बीमारी और गरीबी से जूझ रहे ऐसे परिवारों के लिए सरकारी योजनाओं का सहारा आखिर कितनी जल्दी पहुंचता है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की पहल और पीड़ित परिवारों को मिलने वाली सहायता पर टिकी है।

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