प्रखण्ड क्षेत्र में इन दिनों लगभग 6 से 8 घण्टा हीं बिजली का लाभ लोगों को मिल पा रहा है साथ हीं जब भी बिजली आपूर्ति शुरू होता है लो वोल्टेज इस कदर होता है कि ठीक से बल्ब भी नहीं जलता । इस उमस व गर्मी को लेकर ठीक से पंखा भी नही चल पाता। उधर वारिश भी बन्द है जिससे मौसम में गर्मी व उमस से लोग परेशान रह रहे हैं बिजली भी नही होने के कारण लोग काफी कष्ट में रहने को बिवस हैं।वर्तमान में खेती बारी का मौसम चल रहा है ।धान रोपने का सीजन चल रहा है लेकिन वारिश नही होने से किसान बिजली का मोटर व डीजल पम्प का सहारा ले कर थोड़ा बहुत धान का रोपनी कर रहे हैं लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति होने के कारण रोपनी भी प्रभावित हो रहा है।बिजली की आँख मिचौनी इस कदर चल रहा है कि लोग पँखा से हवा लेने के लिए तरस रहे हैं।सबसे बुरा हाल रात में होती है जब बिजली कट जाती है तो लोग गर्मी से परेशान हो जाते हैं सभी लोग सोने के लिए परेशान हो जाते हैं ।बिजली नही रहने के कारण बैट्री इन्वर्टर भी चार्ज नही रहता और बैट्री बैकअप भी नही हो पाता । पिछले एक सप्ताह से प्रखण्ड क्षेत्र में बहुत तेज धूप निकल रहा है लगता है जेठ की दुपहरी वाला मौसम एक बार फिर वापस आ गया है।अगर बिजली की सप्लाई नियमित नही हुआ तो धान का बिचड़ा भी नही किसान बचा सकते हैं।धान का बिचड़ा बचाने का एक मात्र साधन बिजली मोटर हीं है जिसके सहारे किसान कुछ हद तक धान का बिचड़ा बचा सकते हैं। प्रखण्ड के हेंठार क्षेत्र में वारिश का इंतजार करने के बाद कुछ किसान बिजली और डीजल पम्प के सहारे धान रोपने का काम शुरू कर दिए हैं लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति होने से धान की रोपनी पर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है। बिजली के इस कदर आने जाने से पढ़ने वाले बच्चों पर भी प्रभाव पड़ रहा है।तेज गर्मी व उमस होने से लोग रात्रि में ठीक से सो नही पा रहे हैं।
