कांडी के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सरकोनी में रसोईया चयन पर विवाद, अभिभावकों ने दोबारा चयन की उठाई मांग
कांडी (गढ़वा): कांडी प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सरकोनी में रसोईया चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर विद्यालय प्रबंधन ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और नियमसम्मत बताया है, वहीं कई अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि चयन की सूचना सभी अभिभावकों तक नहीं पहुंचाई गई, जिसके कारण अधिकांश लोग प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने चयन को रद्द कर पुनः पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने की मांग की है।
प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सह समन्वयक, प्रखंड संसाधन केंद्र कांडी के ज्ञापांक-129, दिनांक 08 मई 2026 के आदेश के आलोक में 30 जुलाई 2026 को विद्यालय परिसर में अध्ययनरत बच्चों की माताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक अनिल कुमार सिंह ने की तथा पर्यवेक्षक के रूप में प्रभु राम उपस्थित रहे।
बैठक में उपस्थित माताओं को रसोईया चयन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। बताया गया कि केवल उन्हीं महिलाओं का चयन किया जाएगा, जिनके पुत्र या पुत्री विद्यालय में नामांकित हैं। इसके बाद दो नाम प्रस्तावित हुए—तेतरी देवी (पति- चंदन कुमार) एवं सुनीता देवी (पति- सुनील चंद्रवंशी)।
मतदान प्रक्रिया के दौरान तेतरी देवी के पक्ष में अधिक मत प्राप्त होने पर उन्हें रसोईया पद के लिए चयनित घोषित किया गया। तेतरी देवी के दो बच्चे—रजनीश कुमार (कक्षा-दो) एवं पूजा कुमारी (कक्षा-चार) विद्यालय में अध्ययनरत हैं, जबकि सुनीता देवी के पुत्र रोशन कुमार चंद्रवंशी कक्षा-पांच में पढ़ते हैं। चयन के बाद सभा अध्यक्ष ने बैठक का समापन कर दिया।
हालांकि, चयन प्रक्रिया समाप्त होते ही कई अभिभावकों ने इस पर सवाल उठाए। बसंत पासवान, संध्या देवी, सीमा देवी, चंदा देवी सहित अन्य लोगों का आरोप है कि विद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों के अधिकांश अभिभावकों को बैठक एवं चुनाव की सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि सीमित लोगों की उपस्थिति में चयन कर दिया गया, जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने प्रशासन से चयन प्रक्रिया रद्द कर सभी अभिभावकों की उपस्थिति में पुनः चुनाव कराने की मांग की है।
वहीं, विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। उन्होंने बताया कि चुनाव से पूर्व बच्चों के माध्यम से अभिभावकों को सूचना भेजी गई थी तथा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
सभा की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त शिक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बैठक की उपस्थिति पंजी में लगभग 14 लोगों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। उनके अनुसार सभी अभिभावकों को सूचना दी गई थी और जो लोग उपस्थित हुए, उन्हीं की मौजूदगी में लोकतांत्रिक एवं निष्पक्ष मतदान कर चयन कराया गया। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है तथा बाद में होने वाले विरोध से उनका कोई संबंध नहीं है।
चयन प्रक्रिया के दौरान शिक्षक नरेश प्रजापति, पुष्पांजलि देवी सहित सीमा देवी, आरती देवी, ललित देवी, प्रमिला देवी, सुरावती देवी, तेतरी देवी, निर्मला देवी, सुषमा देवी, सुनीता देवी, शोभा देवी, अंजू देवी, झूला देवी एवं रानी देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
अब मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिभावकों की मांग के बाद यह देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस विवाद पर क्या निर्णय लेता है।
