गलत आरोप से समाज को नुकसान, न्याय पर भरोसा : डॉ कुलदेव
गढ़वा : पाँच अगस्त दिन बुधवार को एक महिला मरीज द्वारा लगाए गए आरोप का खंडन करते हुए डॉ कुलदेव चौधरी ने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद एवं निराधार है। महिला मरीज के ससुराल पक्ष के परिवार को लगभग दस वर्षों से इलाज करते आ रहा हूँ। कभी भी किसी तरह की शिकायत नहीं आई। महिला मरीज की दो महीने पूर्व शादी हुई है। एक महीने पहले मेरे हॉस्पिटल में गंभीर स्थिति में आई और तीन दिन भर्ती रही और ठीक होकर चली गई। यहां तक कि पाँच हजार रुपये उधार भी रहा। इसके बाद दो बार दिखाने आई। तीसरी बार पाँच जुलाई को अपने पति के साथ परामर्श लेने आई और तेरह सौ रुपये की दवा लेकर फिर से दोनों पति पत्नी मेरे चैंबर में बात करके चले गए। घटना के एक दिन पहले महिला मरीज की ननद भी एक दिन भर्ती के बाद ठीक होकर गई थी। इनका भी दो हजार उधार है। मैंने कहा कि आज का बिल के अलावा पहले वाला भी भुगतान कर देते तो अच्छा था। लेकिन बाद में देने के लिए बोलते हुए निकल गए। लेकिन बाद में किसी साजिश के तहत किसी के बहकावे में आकर मेरी छवि धूमिल करने के लिए प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई। इससे समाज में प्रतिष्ठा, अपने व्यवसाय पर काफी बुरा प्रभाव पड़ेगा। क्योंकि स्थानीय लोग जानते हैं कि एक समाजसेवी के तौर पर हर सामाजिक कार्यों में भाग लेते आये हैं। एक विशेष समाज के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भी है और चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। जो व्यक्ति समाज को दशा व दिशा बदलने का सपना देखता है, हर सुख दु:ख में शामिल होता है वैसे व्यक्ति पर गलत आरोप लगने से समाज को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचेगा। वर्तमान समय में कई ऐसे सरकारी- गैर सरकारी हॉस्पिटल, विद्यालय एवं अन्य संस्थान हैं जहाँ सीसीटीवी कैमरा उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में कोई भी किसी पर आरोप लगाकर झूठे केस में फंसा देगा। ऐसी घटना से डॉक्टर, पदाधिकारी व अन्य लोग भी सहमे रहेंगे। मेरे पास सीसीटीवी फुटेज ही साक्ष्य के रूप में है। थाना में आवेदन देकर सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करने का आग्रह भी किया गया है। अगर मेरी गलती साबित होती है तो मेरे ऊपर सख्त से सख्त कारवाई हो। अगर गलत साबित होता है तो उचित न्याय मिले ताकि मेरी छवि धूमिल न हो और समाज को नुकसान न पहुँचे। जीवन में उतार -चढ़ाव जिंदगी का हिस्सा है। मुझे प्रशासन व न्यायालय पर पूरा भरोसा है। जाँच में अपने स्तर से न्यायालय को पूरा सहयोग करूंगा, पीछे नहीं हटूंगा।
