मेराल थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर विधायक ने उठाए सवाल, ईडी-सीबीआई जांच की मांग
हर माह 45 हजार रुपये वसूली का दावा, अवैध कारोबार को संरक्षण देने का आरोप
गढ़वा। गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मेराल थाना प्रभारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधायक ने इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव समेत ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग, झारखंड एसीबी, सीआईडी और पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजकर जांच का आग्रह किया है। मामले की जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
विधायक द्वारा भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि थाना प्रभारी द्वारा अपने पद और प्रभाव का कथित रूप से दुरुपयोग कर लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है और अवैध वसूली की जाती है। पत्र में दावा किया गया है कि क्षेत्र के करीब 150 ट्रैक्टरों से प्रत्येक माह लगभग 45 हजार रुपये की कथित वसूली की जाती है। साथ ही बालू के अवैध कारोबार को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया गया है।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी कार्यों के लिए बालू ले जाने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों से कथित तौर पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक की वसूली की जाती है।
पत्र में थाना प्रभारी और उनके परिजनों के नाम पर मौजूद चल-अचल संपत्ति, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, निवेश, जमीन-जायदाद, वाहनों और आय के अन्य स्रोतों की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है। विधायक ने कथित संपत्ति का आय के ज्ञात स्रोतों से मिलान कराने का भी आग्रह किया है।
विधायक ने कहा है कि जांच केवल थाना प्रभारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के माध्यम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि जांच में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, पद के दुरुपयोग या आय से अधिक संपत्ति के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
विधायक ने पत्र की प्रतिलिपि राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, पलामू डीआईजी और गढ़वा एसपी समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी है।
