हनुमान भाई निरंजन सिंह पंचतत्व में विलीन, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
साकेत मिश्रा की रिर्पोट
सतबहिनी झरना तीर्थ के विकास में निभाई थी अहम भूमिका, हजारों नम आंखों ने दी श्रद्धांजलि
कांडी (गढ़वा), प्रतिनिधि। प्रसिद्ध पर्यटन एवं आस्था स्थल मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के प्रमुख समाजसेवी और "हनुमान भाई" के नाम से विख्यात निरंजन सिंह का रविवार को पूरे राजकीय सम्मान और भावपूर्ण माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी और हर आंख नम दिखी।
रविवार को वेल्लोर से विमान द्वारा उनका पार्थिव शरीर रांची लाया गया, जहां से सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव सरकोनी पहुंचाया गया। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजनों के साथ-साथ ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा। चारों ओर चीख-पुकार और विलाप का माहौल बन गया। पत्नी नीलम देवी, पुत्र, पुत्री एवं अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उपस्थित लोगों के लिए उन्हें संभालना भी कठिन हो गया।
निरंजन सिंह लंबे समय से पेट में गंभीर संक्रमण से पीड़ित थे। पहले रांची में उनका इलाज चला, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें सीएमसी हॉस्पिटल, वेल्लोर ले गए। वहां उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही और करीब 17 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की तैयारी की थी, लेकिन उससे पहले ही 18 जुलाई को पूर्वाह्न करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। इसके बाद निकली शवयात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते "हनुमान भाई अमर रहें" और श्रद्धांजलि के स्वर गूंजते रहे। सोन नदी तट पर पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके पुत्र राजीव रंजन सिंह उर्फ बबल ने मुखाग्नि दी।
निरंजन सिंह ने मां सतबहिनी झरना तीर्थ को शून्य से शिखर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके समाजसेवी व्यक्तित्व, सरल स्वभाव और जनसेवा के कार्यों को याद करते हुए लोगों ने कहा कि क्षेत्र ने एक कर्मठ, समर्पित और लोकप्रिय समाजसेवी को खो दिया है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।
अंतिम संस्कार में अरुण सिंह, आतिश कुमार सिंह, दिनेश कुमार, शशि रंजन दुबे, अजय सिंह, प्रवीण सिंह, सुदर्शन तिवारी, अखिलेश सिंह, कामेश्वर दुबे, ब्रज मोहन मिश्रा, प्रबोध सिंह, असर्फी सिंह, शिव प्रसाद गुप्ता सहित हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।
