“आपन सरस्वतिया” : गढ़वा में लगातार आठवें दिन एवं मेराल में दूसरे दिन जारी रही नदी सफाई
गढ़वा. जनसहभागिता एवं प्रशासनिक सहयोग से संचालित “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत मंगलवार को गढ़वा शहर में लगातार आठवें दिन तथा मेराल क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन सरस्वतिया नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग एवं अतिक्रमण मुक्ति की दिशा में कार्य जारी रहा। अभियान को दोनों क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं प्रशासन का व्यापक सहयोग मिल रहा है।
गढ़वा शहर में आज के अभियान में चिकित्सक डॉ. पतंजलि केसरी की विशेष भूमिका रही। इस दौरान नीरज श्रीधर स्वर्गीय, अमोद कुमार सिंह,बड़ू दुबे, सुनील बिंद, अरविंद कुमार मेहता, लाल बहादुर साव, अजय पाठक सहित लगभग एक दर्जन गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे तथा अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया। नदी क्षेत्र में जमा गाद एवं कचरे को हटाने का कार्य मशीनों की सहायता से किया गया।
वहीं मेराल क्षेत्र में भी “आपन सरस्वतिया” अभियान के दूसरे दिन सुबह से दो जेसीबी मशीनों की सहायता से नदी की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य कराया गया। बीडीओ सह अंचलाधिकारी यशवंत नायक के नेतृत्व में सामाजिक सहभागिता से संचालित यह अभियान अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगा है। नदी के स्वरूप में धीरे-धीरे परिवर्तन दिखाई देने लगा है।
मेराल में अभियान को सफल बनाने में मुखिया रामसागर महतो, मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना राम, विधायक प्रतिनिधि डॉ. लालमोहन, पूर्व जिला परिषद सदस्य संजय भगत, समाजसेवी अतहर अली अंसारी, धनंजय चौधरी, अभियंता रोहित कुमार, कृष्ण प्रसाद कुशवाहा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रभारी अंचलाधिकारी यशवंत नायक, प्रभारी अंचल निरीक्षक संजीव पांडे तथा अंचल अमीन द्वारा समय-समय पर कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार पांडे ने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान अब केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह एक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर रहा है। गढ़वा एवं मेराल दोनों क्षेत्रों में लोगों का स्वस्फूर्त सहयोग इस बात का प्रमाण है कि समाज अपनी प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए आगे आ रहा है।
उन्होंने अभियान में सहयोग करने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई, डी-सिल्टिंग एवं संरक्षण तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी क्षेत्र में कचरा न फेंकें तथा ऐसा करने वालों की सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि नदी को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने का सामूहिक प्रयास सफल हो सके।
