फोटो-किसान गोष्ठी में शामिल लोग।
साकेत मिश्रा की रिर्पोट
कांडी -प्रखंड कार्यालय के सभागार में शनिवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के उपलक्ष्य में प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) गढ़वा के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड तकनीकी प्रबंधक ओम प्रकाश साहू ने की। गोष्ठी में प्रखंड क्षेत्र के किसान मित्रों एवं खेतिहर किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि योजनाओं, आधुनिक खेती की तकनीकों तथा पीएम-किसान योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराना था। इस अवसर पर उपस्थित किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीन प्रयोगों, उन्नत बीजों के उपयोग, फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल संरक्षण, जैविक खेती तथा कृषि यंत्रीकरण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक ओम प्रकाश साहू ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने पीएम-किसान योजना की पात्रता, ई-केवाईसी, भू-सत्यापन एवं बैंक खाते को आधार से जोड़ने जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी, ताकि किसानों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
गोष्ठी के दौरान किसानों की समस्याओं एवं सुझावों पर भी चर्चा की गई। कृषि विभाग के अधिकारियों एवं किसान मित्रों ने किसानों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का समाधान करने का प्रयास किया। किसानों को फसल बीमा योजना, कृषि ऋण, मौसम आधारित खेती तथा सरकारी अनुदान योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में किसान मित्र संघ के प्रखंड अध्यक्ष इमामुद्दीन खान सहित किसान मित्र राकेश कुमार, नीरज कुमार द्विवेदी, शंभू कुमार, दिलीप कुमार, हरेंद्र तिवारी, कमलेश पांडे, राजीव कुमार तिवारी, संतोष कुमार राम एवं संदीप कुमार ठाकुर समेत अनेक किसान मित्र एवं ई-किसान उपस्थित रहे।
गोष्ठी के अंत में किसानों से सरकार की कृषि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा अन्य किसानों को भी जागरूक करने का आह्वान किया गया। उपस्थित किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए ऐसी गोष्ठियों के नियमित आयोजन की मांग की, ताकि उन्हें कृषि संबंधी नई जानकारियां समय-समय पर प्राप्त होती रहें
