*“आपन सरस्वतिया” : अभियान के दूसरे दिन भी चला नदी सफाई एवं डी-सिल्टिंग कार्य*
गढ़वा। सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर सामूहिक सहयोग से प्रारंभ किए गए “आपन सरस्वतिया” अभियान के दूसरे दिन भी सरस्वतिया नदी के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य जारी रहा। दूसरे दिन तीन मशीनों (दो जेसीबी, एक पोकलेन) की मदद से नदी की सफाई कराई गई।
दूसरे दिन का यह अभियान शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी, नगर परिषद तथा ‘सिग्नेचर वाटर’ के प्रोपराइटर कुंदन यादव समेत अन्य सामाजिक सहयोगकर्ताओं के सहयोग से चलाया गया। नगर परिषद द्वारा दो जेसीबी उपलब्ध कराए गए। साथ ही दो नगर प्रबंधक एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक भी अभियान में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। जबकि डीजल की उपलब्धता व्यवसायी कुंदन यादव की ओर से रही।
*“यह नदी हमारी है, इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी”*
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि “आपन सरस्वतिया” नाम देने के पीछे मूल भावना यही है कि गढ़वा शहर के प्रत्येक नागरिक को यह अनुभूति हो कि यह नदी हमारी अपनी धरोहर है तथा इसे बचाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने शहर के अन्य समाजसेवी संगठनों एवं सक्षम लोगों से भी अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह सामाजिक-प्रशासनिक सहभागिता से चल रहा जनअभियान है। ऐसे में प्रतिदिन अलग-अलग प्रायोजकों को आगे आना चाहिए। जो लोग एक दिन के लिए जेसीबी उपलब्ध करा सकते हैं, मशीन का डीजल खर्च वहन कर सकते हैं अथवा अन्य संसाधन उपलब्ध कराना चाहते हैं, वे स्वैच्छिक रूप से आगे आ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक कई लोग स्वतः प्रेरित होकर अभियान से जुड़ रहे हैं तथा जनसहयोग मिलता रहा तो सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
*श्रमदान की अपील*
एसडीएम ने स्थानीय युवाओं, स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों से नदी किनारे फैले प्लास्टिक एवं अन्य कचरों की सफाई हेतु श्रमदान करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाएं इस अभियान में सहभागी बनकर नदी संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि है अभियान जारी रहेगा।
*नदी में जानबूझकर कचरा फेंकने वालों को किया जाएगा दंडित*
संजय कुमार ने कहा कि सरस्वतिया नदी में जानबूझकर कचरा डालने, मिट्टी डालकर नदी का भराव करने या बिल्डिंग मटेरियल डालने वाले लोगों पर न केवल दंड अधिरोपित किया जाएगा बल्कि उक्त कचरा हटवाने का व्यय भी उन्हीं से लिया जाएगा। इस हेतु नगर परिषद को भी जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
