नदियाँ बचेंगी, तभी भविष्य बचेगा : संध्या सुमन Garhwa

नदियाँ बचेंगी, तभी भविष्य बचेगा : संध्या सुमन 
      नदियाँ केवल जलधारा नहीं होतीं, बल्कि सभ्यता, संस्कृति और जीवन की आधारशिला होती हैं। मानव जीवन का अस्तित्व नदियों पर ही निर्भर है। जिस प्रकार शरीर में रक्त का प्रवाह जीवन को बनाए रखता है, उसी प्रकार नदियाँ पृथ्वी को जीवंत बनाए रखती हैं। खेतों की हरियाली, पशु-पक्षियों का जीवन, पेड़-पौधों की ताजगी और मानव समाज की समृद्धि — सब कुछ नदियों से जुड़ा हुआ है। इसलिए नदियों को बचाना केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य को सुरक्षित करना है।
आज आधुनिकता और लापरवाही के कारण नदियाँ प्रदूषण का शिकार होती जा रही हैं। लोग स्वच्छता की बातें तो करते हैं, लेकिन कई बार पूजा-पाठ, त्योहारों और दैनिक जीवन में प्लास्टिक, कचरा तथा रासायनिक पदार्थ नदियों में बहा देते हैं। यह छोटी-सी लापरवाही धीरे-धीरे एक बड़े संकट का रूप ले लेती है। जब नदी का जल दूषित होता है, तब उसका प्रभाव केवल पानी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानव स्वास्थ्य, कृषि और पूरे पर्यावरण पर पड़ता है।
सबसे बड़ी आवश्यकता दूसरों को उपदेश देने से पहले स्वयं जागरूक बनने की है। यदि प्रत्येक व्यक्ति यह संकल्प ले कि वह नदी और आसपास के क्षेत्र को गंदा नहीं करेगा, तो परिवर्तन निश्चित रूप से दिखाई देगा। एक जागरूक नागरिक सैकड़ों लोगों को प्रेरित कर सकता है। समाज में बदलाव हमेशा व्यक्तिगत प्रयासों से ही शुरू होता है।
हमें यह समझना होगा कि प्रकृति केवल वर्तमान पीढ़ी की संपत्ति नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर भी है। यदि आज हम नदियों की रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाले समय में जल संकट और पर्यावरणीय समस्याएँ मानव जीवन को कठिन बना देंगी। इसलिए प्लास्टिक का उपयोग कम करना, जल स्रोतों को स्वच्छ रखना, वृक्षारोपण करना और लोगों को जागरूक करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
नदियाँ केवल बहता हुआ पानी नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और भविष्य की पहचान हैं। यदि नदियां सुरक्षित रहेंगी, तभी पृथ्वी पर जीवन सुरक्षित रहेगा। इसलिए हमें स्वयं से शुरुआत करते हुए यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपनी नदियों को स्वच्छ, निर्मल और जीवंत बनाए रखने में अपना योगदान देंगे। क्योंकि सच यही है — “नदियाँ बचेगी, तभी भविष्य बचेगा।”

             संध्या सुमन
           कला साधिका
     पं. हर्ष द्विवेदी कला मंच
      नवादा, गढ़वा (झारखंड)

Latest News

आसमानी बिजली का कहर महिला की मौत Garhwa