उत्साह,उल्लास, अनुशासन, कला और रचनात्मकता की बहुरंगी छटाओं से आलोकित वातावरण में कार्यक्रम आयोजित। स्थानीय जीएन कान्वेंट स्कूल में समर कैंप लर्निंग के चौथे दिवस पर बच्चों चेहरे पर खुशियों के आयोजित किया गया। मेरा बचपन कार्यक्रम के अंतर्गत सभा का शुभारंभ जोश, साहस और अनुशासन से परिपूर्ण रोमांचकारी मार्शल आर्ट एवं कराटे के प्रदर्शन से हुआ।
इस विशेष प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षक ब्लैक होल्डर मनोज संसाई ने विद्यार्थियों को आत्मरक्षा, संतुलन और मानसिक दृढ़ता का प्रभावशाली प्रशिक्षण प्रदान किया। छात्र-छात्राओं ने जिस विसम्यकारी फुर्ती, आत्मसंयम और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।यह कार्यक्रम सभी को रोमांचित कर दिया। विद्यालय प्रांगण में गूंजती प्रत्येक हुंकार और विद्यार्थियों के निर्भीकअभिव्यक्तियां यह संदेश दे रही थी कि व्यक्ति को साहसी, सजग और आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है।
इसमें छात्रों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। इसके पश्चात कार्यक्रम अत्यंत सुंदरता के साथ सृजनात्मकता की ओर कदम बढ़ाया जहां विद्यालय के शिक्षिकाओं नीरा शर्मा, वर्षा कुमारी,चंदा कुमारीआदि के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित संस्कारशाला के तहत बच्चों को श्रवण कुमार मूवी दिखाई गई जिससे उनमें माता-पिता के प्रति प्रेम,आत्मिक लगाव और सेवा की भावना बनी रहे।इस लर्निंग समर कैंप में बच्चों को सीखने और पूरी तरह से नए कौशल में महारत हासिल करने में मदद करने के लिए एक बड़ी पहल है जो विगत कई वर्षों से जारी है।उन्होंने कहा कि समर कैंप स्कूली जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है।इसका उद्देश्य छात्रों को सीखने के माहौल को बढ़ावा देने के लिए और उन्हें अकादमी शिक्षा के अलावा पढ़ाई बोझ वाली जीवन से निकलकर वास्तविक दुनिया के कौशल से लैस करने के लिए भी आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन संतोष प्रसाद जबकि धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण कुमार ने किया।
