ऑक्सफ़ोर्ड पब्लिक स्कूल, गढ़वा में सीबीएसई टीचर ट्रेनिंग कार्यक्रम संपन्न Garhwa

ऑक्सफ़ोर्ड पब्लिक स्कूल, गढ़वा में सीबीएसई टीचर ट्रेनिंग कार्यक्रम संपन्न
कहानी के माध्यम से कठिन विषयों को भी सरल, रोचक और यादगार बनाया जा सकता है : आकाश कुमार 
गढ़वा। टंडवा नारायणपुर स्थित ऑक्सफ़ोर्ड पब्लिक स्कूल में दिनांक 22 मई 2026 को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित “Capacity Building Programme” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत रिसोर्स पर्सन श्रीमती चिन्नसू सिंह एवं श्री राहुल कुमार सिंह, विद्यालय के निदेशक महोदय श्री अनूप सोनी, सचिव श्री आलोक सोनी,प्रबंधन समिति के सदस्य श्री धीरज राज, सोनू कुमार एवं कार्यक्रम के वेन्यू डायरेक्टर श्री आकाश कुमार के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा सरस्वती पूजन के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में गढ़वा के अन्य दूसरे विद्यालय से भी प्रशिक्षु भी आये हुए थे।कार्यक्रम का विषय “Storytelling as Pedagogy” था, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नई एवं प्रभावी शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना था, ताकि कहानी के माध्यम से विद्यार्थियों को सरल एवं रोचक तरीके से शिक्षा दी जा सके। कार्यक्रम सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चला। यह प्रशिक्षण अत्यंत ही प्रभावशाली एवं लाभप्रद रहा।
इस अवसर पर सीबीएसई के रिसोर्स पर्सन श्रीमती चिन्नसू सिंह एवं श्री राहुल कुमार सिंह ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया तथा शिक्षण को अधिक रचनात्मक और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के वेन्यू डायरेक्टर श्री आकाश कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारा प्रयास है हम बेहतर से बेहतर ढंग से शिक्षकों को प्रशिक्षित कराएं ताकि वे बच्चों को समुचित और बेहतर तरीके से पढ़ा सके और उनका भविष्य उज्जवल बना सके।
कार्यक्रम में ऑक्सफ़ोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक श्री अनूप सोनी ने कहा कि कहानियाँ बच्चों के मन को सहज रूप से आकर्षित करती हैं। जब शिक्षण में कहानी-कथन की विधि अपनाई जाती है, तो बच्चे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद के रूप में ग्रहण करते हैं। वेन्यू डायरेक्टर श्री आकाश कुमार ने कहा कि कहानी के माध्यम से कठिन विषयों को भी सरल, रोचक और यादगार बनाया जा सकता है। इससे बच्चों की कल्पनाशक्ति, भाषा कौशल, रचनात्मकता तथा नैतिक मूल्यों का विकास होता है। 
वहीं विद्यालय के सचिव श्री आलोक सोनी ने अपने सम्बोधन में बताया कि “Storytelling as Pedagogy” शिक्षण की एक प्रभावी पद्धति है, जो विद्यार्थियों को सीखने के प्रति प्रेरित करती है और कक्षा शिक्षण को जीवंत बना देती है।
कार्यक्रम के अंत में कई विद्यालय से आये प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

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