साकेत मिश्रा की रिर्पोट
कांडी/गढ़वा: श्रीनगर सोन नदी से जिले के जलाशयों तक पाइपलाइन बिछाने का काम आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गया है।
कांडी-हरिहरपुर मुख्य मार्ग पर कार्यदायी संस्था एलएनटी (L&T) की घोर लापरवाही के कारण राहगीर और वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। कंपनी ने पाइपलाइन डालने के नाम पर बीच सड़क को जेसीबी से लगभग 15 फीट तक काट दिया, लेकिन काम पूरा होने के बाद उसे पक्का करने के बजाय सिर्फ मिट्टी भरकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।
नियमों की धज्जियां, प्रशासन मौन
सूत्रों की मानें तो कंपनी ने बिना संबंधित विभाग की अनुमति के ही पक्की सड़क को काट डाला। अब आलम यह है कि भारी वाहनों के दबाव से मिट्टी धंस चुकी है और सड़क के बीचों-बीच करीब एक फीट गहरा गड्ढा बन गया है। यह गड्ढा किसी बड़ी दुर्घटना को खुली दावत दे रहा है। हैरत की बात यह है कि मुख्य मार्ग पर इतना बड़ा खतरा होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक मौन धारण किए हुए है।
कीचड़ का साम्राज्य होने का डर
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी कांडी-केतार कोल्ह रोड स्थित हरिहरपुर बस स्टैंड के पास इसी तरह सड़क काटकर छोड़ दी गई थी, जिसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मरम्मत नहीं की गई, तो पहली बारिश होते ही यह गड्ढा कीचड़ के कुंड में तब्दील हो जाएगा। इससे न केवल यातायात पूरी तरह ठप हो जाएगा, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति जानलेवा हो सकती है।
जनता की मांग: मरम्मत हो या आंदोलन
क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन और सड़क निर्माण विभाग से अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि कंपनी की मनमानी पर लगाम लगाई जाए और सड़क को तत्काल पक्का कराया जाए ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
