फोटो-प्रखण्ड कर्मियों के साथ बैठक करते बीडीओ।
साकेत मिश्रा की रिर्पोट
कांडी - प्रखंड विकास पदाधिकारी कांडी के चेंबर में बीडीओ राकेश सहाय की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रखण्ड के सभी पंचायत सचिव, मनरेगा के कंप्यूटर ऑपरेटर और लेखापाल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।जिसमें मनरेगा के आपूर्ति कर्ताओं के पास रॉयल्टी के मद में बाकी 40 लाख रुपए रिकवरी करने के संबंध में व्यापक विचार विमर्श किया गया और इस क्रम में सभी आपूर्ति कर्ताओं को 4 अप्रैल तक का समय दिया गया है।। इस बैठक में बीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि 4 सितंबर तक रॉयल्टी के मद की राशि आपूर्ति कर्ताओं द्वारा जमा नहीं की जाती है तो संबंधित आपूर्ति कर्ता को ब्लैक लिस्ट करते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें भविष्य में मनरेगा में सामग्री भुगतान से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
बीडीओ ने कहा की सभी पंचायत सचिवों को यह निर्देश दिया गया कि केंद्र प्रायोजित पेंशन के लाभुकों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड करने हेतु गंभीरता पूर्वक प्रयास करें और इसके लिए उन्हें 15 अप्रैल तक का समय दिया गया। पंचायत सचिवों को निर्देश दिया गया कि वे संबंधित प्रज्ञा केंद्र से इस संबंध में संपर्क स्थापित करके 15 अप्रैल तक केंद्र प्रायोजित पेंशन की योजनाओं के लाभुकों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड करना सुनिश्चित करेंगे। इस क्रम में मुखिया और पंचायत स्वयंसेवक के साथ बैठक करके सभी पेंशनरों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड करना सुनिश्चित करेंगे साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि वह सभी पेंशनरों के मध्य यह प्रचार प्रसार कर देंगे कि यदि 15 अप्रैल तक वे अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड नहीं करते हैं तो उनका पेंशन का भुगतान रोक दिया जाएगा विदित है की केंद्र प्रायोजित पेंशन के लाभुकों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड करने का अभियान चल रहा है और अभी भी 1900 लाभुकों के डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड नहीं हो पाए हैं सभी पंचायत सचिवों को यह भी निर्देश दिया गया कि आवास के लाभुकों को मनरेगा के तहत 95 दिनों की मजदूरी का लाभ सुनिश्चित तौर पर दे।। यदि इस संबंध में आवास के लाभुक परेशान होते हैं तो पंचायत सचिव रोजगार सेवक और मुखिया को समान रूप से दोषी माना जाएगा। यह मुखिया पंचायत सचिव और रोजगार सेवक की सामूहिक जिम्मेदारी है कि आवास के लाभुकों को मनरेगा के 95 दिनों का मानव श्रम दिवस का लाभ मिले।साथ हीं मजदूरी का भुगतान समय सीमा के भीतर करने का निर्देश मनरेगा कर्मियों को सख्त लहजे में दिया गया।
