गढ़वा से विकास कुमार की रिपोर्ट
‘कॉफी विद एसडीएम’ में कृषि छात्रों से हुआ संवाद
कृषि शिक्षा, शोध और स्थानीय नवाचारों हेतु हुई सार्थक परिचर्चा
गढ़वा में कृषि क्षेत्र में शोध की है अपार संभावनाएं: एसडीएम
गढ़वा। सदर एसडीएम संजय कुमार के नियमित साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम ‘कॉफी विद एसडीएम’ के अंतर्गत आज कृषि क्षेत्र से जुड़े छात्र-छात्राओं के साथ संवाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध गढ़वा स्थित कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक में शामिल छात्र-छात्राएं झारखंड के विभिन्न जिलों से थे, जो वर्तमान में गढ़वा कृषि महाविद्यालय में अध्ययनरत हैं।
संवाद के दौरान कृषि शिक्षा, शोध, आधुनिक खेती, नवाचार एवं कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से गढ़वा अनुमंडल क्षेत्र के परिप्रेक्ष्य में कृषि क्षेत्र में क्या नए प्रयास किए जा सकते हैं, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ। छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए तथा क्षेत्रीय चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने सुझाव रखे। साथ ही उनके व्यक्तिगत सुझावों एवं समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया।
स्थानीय अध्ययन और क्रॉस लर्निंग पर जोर
बैठक में छात्रों को फील्ड विजिट के माध्यम से गढ़वा शहर व आसपास की स्थानीय परिस्थितियों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे गढ़वा क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझ सकें। साथ ही विभिन्न जिलों से आए छात्रों के बीच आपसी अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का भी सुझाव दिया गया, जिससे अलग-अलग जिलों की केस स्टडी, नई तकनीकों और विचारों का गढ़वा के कृषि क्षेत्र में प्रयोग हो सके। साथ ही गढ़वा की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कैसे इस जिले में कृषि क्षेत्र में बेहतर किया जा सकता है इसके बारे में सभी से सुझाव आमंत्रित किए गए।
जिला कृषि पदाधिकारी रहीं विशेष आमंत्रित अतिथि
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान विशिष्ट आमंत्रित सदस्य के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कृषि के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों, सरकारी योजनाओं एवं आधुनिक तकनीकों के उपयोग के बारे में जानकारी दी तथा उन्हें नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशासन और युवाओं के बीच संवाद को मिला बल
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और युवाओं के बीच सकारात्मक एवं संवादात्मक माहौल देखने को मिला। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल छात्रों को मार्गदर्शन मिलता है, बल्कि प्रशासन को भी जमीनी स्तर पर युवाओं के विचारों एवं अपेक्षाओं को समझने का अवसर प्राप्त होता है।
छात्र-छात्राओं ने रखी समस्याएं और सुझाव
कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एसडीएम के समक्ष कुछ समस्याएं भी रखीं। उन्होंने महाविद्यालय के पुस्तकालय, बाउंड्री वाल मरम्मती, बिजली व्यवस्था, एंबुलेंस, एप्रोच रोड आदि से जुड़ी हुई समस्याओं को रखा। उन्होंने एसडीएम के समक्ष मांग रखी कि उनके पुस्तकालय को रात्रि 9:00 बजे तक विस्तारित करवाया जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएं। कैंपस में सोलर सिस्टम अधिष्ठापित है किंतु गर्ल्स हॉस्टल में उसका कनेक्शन नहीं है, जब कि यह सुरक्षा की दृष्टिकोण से सर्वाधिक संवेदनशील इलाका होता है, इसलिए कनेक्शन जुड़वाया जाए। फील्ड विजिट के लिए विश्वविद्यालय से जो बस प्राप्त हुई है, वह बस अभी यूनिवर्सिटी में ही खड़ी है, उसको मंगवाया जाए। छात्रों ने कहा कि कृषि एक प्रायोगिक विषय है इसलिए उनके प्रैक्टिकल के लिए फील्ड उपलब्ध करवाई जाए। मेन गेट तक जाने के लिए जो एप्रोच रोड है वह कच्चा है बरसात में कीचड़ हो जाता है, इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का भी उन्होंने एसडीएम से अनुरोध किया। महाविद्यालय में मौजूद एंबुलेंस को दुरुस्त करवाने तथा परिसर में हाई मास्ट लाइट लगवाने का भी उन्होंने अनुरोध किया। ऐसी ही कई अन्य समस्याओं के साथ साथ शहर के लिए भी उन्होंने सुझाव प्रस्तुत किये। एसडीएम ने सभी सुझावों और समस्याओं पर यथासंभव पहल करने का भरोसा दिलाया।
सहभागिता
संवाद कार्यक्रम में जिन छात्रों ने अपने विचार रखे उनमें सिद्धार्थ कुमार, निधि कुमारी, प्रिंस कुमार, दीक्षा जैसवाल, लक्ष्मी टोप्पो, पायल कुमारी, ओंकार चंद्र, कृष्णा मुर्मू, अनुज भगत, शादाब अहमद, रोहित टोप्पो, कृष्णा महतो, रूपेंद्र कुमार यादव, अजय कुमार, अनुराग डेविड कुजूर, शोभा लोहार, प्रिया कुमारी, शिवानी कुमारी, पंकज कुमार, आशुतोष मुंडा आदि शामिल है।
