फोटो: फाइल फोटो महंत रामधारी चौबे
साकेत मिश्रा की रिर्पोट
हरिहरपुर। ओपी क्षेत्र अंतर्गत मझिगावां पंचायत के आजाद नगर स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत रामधारी चौबे (76 वर्ष), पिता जागराखन चौबे का मंगलवार की सुबह हृदय गति रुकने से निधन हो गया।
उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महंत रामधारी चौबे मंदिर परिसर में आए भक्तों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी आवाज बंद हो गई और वे अपने आसन पर ही लेट गए। देखते ही देखते उनकी स्थिति गंभीर हो गई और उनका निधन हो गया। स्थानीय लोगों ने इसे ईश्वर की असीम कृपा बताया। उनका कहना है कि नवरात्र का पावन समय, छठ तिथि और मंगलवार (जो भगवान हनुमान का दिन माना जाता है) को उनका इस प्रकार जाना उनके भगवान के प्रति समर्पण को दर्शाता है। लोगों ने श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि हनुमान जी के अनन्य भक्त होने के कारण उन्हें स्वयं प्रभु ने अपने चरणों में स्थान दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मझिगावां के मुखिया प्रतिनिधि शंभू नाथ साह, उप मुखिया श्रवण पासवान सहित कई गणमान्य लोग मौके पर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की।
महंत रामधारी चौबे अपने सरल और मृदुभाषी स्वभाव के लिए क्षेत्र में अत्यंत सम्मानित थे। उन्होंने वर्ष 1998 में पहाड़ी पर बजरंगबली मंदिर की नींव रखी थी और पिछले 28 वर्षों से निरंतर मंदिर परिसर में रहकर पूजा-अर्चना एवं सेवा कार्य में अपना जीवन समर्पित कर दिया।
उनका अंतिम संस्कार बुधवार को सोन नदी के श्रीनगर घाट पर किया जाएगा।
