कांडी (गढ़वा): प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में बरती जा रही ढिलाई और सरकारी राजस्व की अनदेखी पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने एक सख्त आदेश जारी करते हुए सभी आपूर्तिकर्ताओं को अंतिम चेतावनी दी है।
31 मार्च तक का अल्टीमेटम
प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 तक मनरेगा के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं में काटी गई रॉयल्टी की शत-प्रतिशत राशि अब तक सरकारी कोष में जमा नहीं कराई गई है। प्रशासन ने सख्त निर्देश दिया है कि आगामी 31 मार्च 2026 तक हर हाल में लंबित रॉयल्टी की राशि जिला खनन कार्यालय, गढ़वा में जमा करा दी जाए।
ब्लैकलिस्ट करने की दी गई चेतावनी
बीडीओ ने साफ शब्दों में कहा है कि तय समय सीमा के भीतर राशि जमा कर उसकी सूचना प्रखंड कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि इस आदेश का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित आपूर्तिकर्ताओं को न केवल ब्लैकलिस्ट में डाल दिया जाएगा, बल्कि उनके विरुद्ध विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
प्रशासन की सख्ती से हड़कंप
इस आदेश के बाद मनरेगा कार्य से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं के बीच हड़कंप मच गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो कई आपूर्तिकर्ताओं के पास बड़ी राशि लंबित है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है। अब प्रशासन के इस 'एक्शन मोड' में आने के बाद यह देखना होगा कि कितने आपूर्तिकर्ता समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा करते हैं।
