साकेत मिश्रा की रिर्पोट
कांडी (गढ़वा): प्रखंड क्षेत्र के दारिदह गांव में आयोजित 'श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ सह संगीतमयी श्रीराम कथा' के शुभारंभ पर रविवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
गाजे-बाजे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकाली गई भव्य जलयात्रा (कलश यात्रा) ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। इसमें बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने शामिल होकर अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय दिया।
सोन नदी से भरा गया पवित्र जल
महायज्ञ के मुख्य यजमान पप्पू सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी चंचल देवी ने विधिवत पूजन के पश्चात सोन नदी से पवित्र जल भरा। सिर पर मंगल कलश लिए श्रद्धालुओं का जत्था जब गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरा, तो हर तरफ 'जय श्री राम' और 'लक्ष्मी नारायण भगवान की जय' के नारे गूंजने लगे। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल स्थापना
भ्रमण के पश्चात जलयात्रा यज्ञ स्थल (संकट मोचन श्री हनुमान मंदिर परिसर) पहुंची। यहाँ मुख्य पुजारी पंडित जयप्रकाश मिश्र के सानिध्य में विद्वान पंडितों ने पूरी शुचिता और विधि-विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित कराया। जल स्थापना के साथ ही यज्ञ का अनुष्ठानिक शुभारंभ हो गया है, जिससे आसपास का पूरा वातावरण पवित्र और ऊर्जामय हो गया है।
प्रतिदिन होगी रामकथा और रासलीला
आयोजन समिति ने बताया कि महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन सुबह में पूजा-पाठ व हवन और दोपहर बाद संगीतमयी श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। वहीं, रात्रि में श्रद्धालुओं के मनोरंजन और आध्यात्मिक ज्ञान के लिए भव्य 'रासलीला' का मंचन किया जाएगा। समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार यज्ञ में सम्मिलित होकर पुण्य का भागी बनने की अपील की है।
इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और यज्ञ समिति के सदस्य तत्परता से जुटे हुए हैं।
