गढ़वा : सृजन साहित्यिक मंच गढ़वा की एक बैठक चैत्र नवरात्रि वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर गुरूवार की शाम स्थानीय रेहला रोड स्थित दयाजी टेंट हाउस परिसर में संपन्न हुई.
इसमें मंच के सचिव सतीश कुमार मिश्र के प्रतिवेदन के पश्चात इसके पुनर्गठन व विस्तार पर विचार-विमर्श करते हुये सर्वसम्मति से नयी समिति का गठन किया गया. इसमें विनोद पाठक को पुन: अध्यक्ष, राजमणि राज व विजय पांडेय को उपाध्यक्ष, सतीश कुमार मिश्र को सचिव, राकेश त्रिपाठी व डॉ आशीष अविरल चतुर्वेदी को सह सचिव, प्रमोद कुमार को कोषाध्यक्ष, राजकुमार मधेशिया को मीडिया प्रभारी और दयाशंकर गुप्ता को संयोजक बनाया गया. जबकि दिनेश कुमार चौबे उर्फ मुन्ना चौबे, रामाशंकर चौबे, अधिवक्ता परशुरामजी और राकेश कुमार शुक्ल को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया. इसके अलावे रासबिहारी तिवारी, सुरेंद्र कुमार मिश्र व राकेश पाल को संरक्षक बनाया गया. समिति में महिला रचनाकारों को भी जोड़ने का निर्णय लिया गया. बैठक में सृजन साहित्यिक मंच के विगत 10 अगस्त 1997 से अबतक की यात्रा पर चर्चा करते हुये इसकी सक्रियता को पुन: बढ़ाने पर जोर दिया गया. इस क्रम में संस्था के नियमित कार्यक्रमों हेतु एक वार्षिक कैलेंडर बनाय गया. इसके मुताबिक होली के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर कवि सम्मेलन का आयोजन, मुंशी प्रेमचंद की जयंती, तुलसी जयंती, हिंदी दिवस पखवाड़ा और गीता जयंती पर साहित्यिक कार्यक्रम किया जायेगा.
काव्य पाठ से वर्ष प्रतिपदा का हुआ स्वागत
बैठक के दूसरे चरण में वर्ष प्रतिपदा पर बौद्धिक के साथ काव्य पाठ से वातावरण को प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया. संरक्षक रासबिहारी तिवारी, सतीश कुमार मिश्र, विजय पांडेय, दिनेश कुमार चौबे, परशुराम कुमार एवं राकेश शुक्ल ने वर्ष प्रतिपदा के महत्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि आज की पीढ़ी अग्रेजी कैलेंडर के नये वर्ष की शुरूआत को जानती है, लेकिन अपने भारतीय पचांग के नये वर्ष की शुरूआत से अनभिज्ञ है. वक्ताओं ने कहा कि हम अपने नये वर्ष पर आगे से बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेंगे, ताकि नयी पीढ़ी हिंदी नववर्ष के इतिहास से अवगत हो सके. इस मौके पर डॉ अविरल चतुर्वेदी, राजमणि राज और राजकुमार मधेशिया ने नववर्ष पर रचित रचनाओं की प्रस्तुति कर कार्यक्रम को सरस बना डाला. कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद पाठक ने तथा संचालन सतीश कुमार मिश्र ने
