मुद्दे से भटकाने क़े लिये गढ़वा विधायक खेल रहे धार्मिक कार्ड : सुजीत चंद्रवंशी
गढ़वा की पावन धरती पर हम सब नवरात्रि का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। लेकिन बड़े खेद का विषय है कि गढ़वा भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी जी इस पवित्र अवसर का उपयोग अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन बचाने क़े लिये जनता को गुमराह कर रहे हैं।
झारखण्ड क़े मुख्यमंत्री जी क़े तार्किक बयान को तोड़-मरोड़कर जनता क़े बिच रखना औऱ अपनी धार्मिक उन्माद की सोच को लोगो क़े बिच परोसना औऱ द्वेष की भावना फैलाना ताकि लोगो का ध्यान मुद्दे से भटका रहे,, झूठ की खेती औऱ नफरत की राजनीती नहीं चलेगी ||
विधायक जी को समझना होगा कि धर्म आस्था का विषय है, वोट बैंक की राजनीति का नहीं। गढ़वा की जनता अब समझ चुकी है आपकी अफवाही बातें, वह आपसे पूछ रही है कि पिछले वर्षों में क्षेत्र के बुनियादी समस्याओं के लिए आपने क्या किया?? जब जवाब देने के लिए कुछ नहीं होता, तब आप अक्सर धर्म की आड़ लेकर राजनीति शुरू कर देते हैं। चुनाव क़े समय दंगे कर लोगो को बाटने में माहिर हैँ आप ||
पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर जी क़े द्वारा गढ़वा की आराध्य देवी माँ गढ़देवी मंदिर क़े तोरण द्वार को भव्य औऱ आधुनिक रूप देना, पर्यंटन व आस्था क़े एक बड़े केंद्र क़े लिये सकारात्मक औऱ सार्थक प्रयास करना!! लेकिन सत्येंद्र नाथ तिवारी को मंदिर क़े नाम पर भी गिरी हुई राजनीति करना अशोभनीय है !! श्री ठाकुर जी क़े द्वारा धार्मिक उत्सवों के दौरान व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग प्रदान करना, ताकि श्रद्धालु गरिमा के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।
सुजीत चंद्रवंशी ने कहा कि नफरत की राजनीती छोड़, गढ़वा में हो रही जनता की समस्यायों क़े लिये भी कुछ कीजिये, गढ़वा में हो रही गैस सिलिंडर की किल्लत औऱ कालाबाज़ारी पर ध्यान क्यों नहीं जा रहा है आपका, इसका जवाब कौन देगा ?? गैस सिलिंडर की कालाबाज़ारी में होम डिलीवरी और निर्धारित रेट का पालन नहीं कर रही हैं। एक जनप्रतिनिधि के रूप में आपने कितनी बार इन एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया ??
गढ़वा की जनता आज त्राहि-त्राहि कर रही है।रसोई में चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं क्योंकि गैस सिलिंडर की भारी किल्लत है लेकिन माननीय विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी जी को जनता की इस मुसीबत से कोई सरोकार नहीं है।
क्या धर्मं क़े नाम पर जनता की बुनियादी समस्यायों को दबाना चाहते हैँ ??
जब जनसमस्यायों की बात का जवाब देना हो तो मंदिर मस्जिद करने लगते हैँ
हर बार माँ गढ़देवी क़े नाम पर बयानबाजी कर क़े धार्मिक भावना को नकारात्मक मनसे से उकसाना औऱ आस्था को सामने लाकर अपने नाकामी को छुपाने का कार्य करना यही इनका पेशा बन चूका है!!
उन्हें अभी तक यह भी ज्ञात नहीं होगा की माँ गढ़देवी मंदिर परिषर में स्थापित अर्धनारिश्वर भगवान का मुख किधर है ??
पहले जाकर देखें फिर उसपर भी उनको राजनीति करने का अवसर मिलेगा !!
ऐसेही अवसर की तलाश में डेढ़ वर्ष पूर्ण कर लिये,, बिना कुछ किये !!
