कला धरोहर यात्रा 22 मार्च को ढोंटी में, रक्सैल राज के इतिहास से रूबरू होंगे कला प्रेमी
कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती के झारखंड प्रांत के कला धरोहर संयोजक नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’ के नेतृत्व में आगामी 22 मार्च 2026 (रविवार) को कला धरोहर यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह यात्रा गढ़वा जिला अंतर्गत ढोंटी ग्राम में स्थित रक्सैल राज की ऐतिहासिक धरोहरों को केंद्र में रखकर आयोजित की जा रही है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’ ने कहा कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और इतिहास को जानना एवं संरक्षित करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ढोंटी ग्राम में स्थित रक्सैल राज का गौरवशाली इतिहास न केवल गढ़वा, बल्कि पूरे झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने आगे बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य कला साधकों और कला प्रेमियों को अपनी जड़ों से जोड़ना तथा ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कलाकार, साहित्यकार एवं संस्कृति प्रेमी बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
कला साधक प्रेम दीवाना व्यास ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार की यात्राएं समाज को अपनी संस्कृति और इतिहास के प्रति सजग बनाती हैं। उन्होंने कहा कि “कला धरोहर यात्रा के माध्यम से हम अपनी विरासत को समझने और उसे संरक्षित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास कर रहे हैं। यह पहल निश्चित रूप से युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
आयोजकों ने अधिक से अधिक कला प्रेमियों से इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की।
