साकेत मिश्रा की रिर्पोट
कांडी (गढ़वा): प्रखंड क्षेत्र में चल रही इंटरमीडिएट की परीक्षा शनिवार को पूरे लाव-लश्कर और सख्त सुरक्षा घेरे के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हो गई।
अंतिम दिन का नजारा किसी अभेद्य किले जैसा था, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सका। दंडाधिकारियों की मुस्तैदी और केंद्रों पर छाई खामोशी इस बात की गवाही दे रही थी कि प्रशासन कदाचार मुक्त परीक्षा को लेकर कितना गंभीर है।
आंकड़ों की जुबानी, आखिरी दिन की कहानी
शनिवार को प्रखंड के दो प्रमुख केंद्रों पर कुल 947 परीक्षार्थियों ने अपने भविष्य की इबारत लिखी। कांडी के जमा दो उच्च विद्यालय केंद्र पर संस्कृत और हिंदी की परीक्षा देने पहुंचे 491 छात्र-छात्राओं के चेहरे पर एक तरफ परीक्षा का तनाव था, तो दूसरी तरफ समापन की राहत। यहां कला संकाय के 463, विज्ञान के 26 और वाणिज्य के 02 जांबाज परीक्षार्थी मैदान में डटे रहे।
प्रशासनिक पहरेदारी: जब 'सुपर 3' ने संभाली कमान
परीक्षा की शुचिता बरकरार रखने के लिए शोणभद्र आदर्श इंटर महाविद्यालय केंद्र पर प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। यहां 456 परीक्षार्थियों की हर हलचल पर दंडाधिकारी मोहम्मद शकील अंसारी और आशुतोष शर्मा बाज जैसी नजर रखे हुए थे। वहीं, महिला दंडाधिकारी माया कुमारी की उपस्थिति ने सुरक्षा तंत्र को और भी अभेद्य बना दिया।
केंद्राधीक्षकों और मजिस्ट्रेटों के बार-बार निरीक्षण के चलते नकलचियों के हौसले पस्त दिखे। कुल मिलाकर, कांडी में इंटर की परीक्षा 'शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त' के अपने वादे पर खरी उतरी।
