श्रीजानकी बाग में श्रीहनुमान चालीसा पाठ का २१वाँ साप्ताहिक आयोजन श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। Garhwa

धार्मिक आस्था, सामूहिक श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब श्रीजानकी बाग में श्रीहनुमान चालीसा पाठ का २१वाँ साप्ताहिक आयोजन श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। 
                   कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजन से हुई, जिसे मधु एवं आरती के द्वारा सम्पन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और “जय श्रीराम” तथा “बजरंगबली की जय” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
                    पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच के निदेशक नीरज श्रीधर 'स्वर्गीय' ने हनुमान चालीसा के पौराणिक प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक स्तोत्र नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का दिव्य सूत्र है। उन्होंने बताया कि हनुमान जी शक्ति, सेवा, समर्पण और विनम्रता के प्रतीक हैं। उन्होंने रामभक्ति, गुरु-श्रद्धा और संकटमोचन की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि नियमित चालीसा-पाठ से मनोबल दृढ़ होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
                        अधिवक्ता अमोद कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में सामूहिक प्रार्थना मानसिक शांति प्रदान करती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े रहें।
                        अधिवक्ता संगीता सिन्हा ने कहा कि नियमित रूप से हो रहे इस साप्ताहिक आयोजन से महिलाओं और बच्चों में भी धार्मिक चेतना का विस्तार हो रहा है। उन्होंने इसे परिवार और समाज को एक सूत्र में बांधने वाला प्रयास बताया।
                        शीत कुमार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि श्रीहनुमान चालीसा का पाठ आत्मविश्वास और साहस को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जब भी जीवन में संकट आता है, बजरंगबली की आराधना से मार्ग अवश्य प्रशस्त होता है।
                        अरविंद कुमार मेहता ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। यहाँ जाति, वर्ग और आयु का कोई भेदभाव नहीं होता, सभी एक साथ बैठकर प्रभु भक्ति में लीन होते हैं। उन्होंने आयोजन की निरंतरता की सराहना की और इसे आध्यात्मिक जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
                         इस अवसर पर सुदामा बिंद, अनिल कुमार, गोविंदा कुमार, डुग्गू, ऋषि, रीता देवी, मोहन बिंद सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने सामूहिक रूप से श्रीहनुमान चालीसा का पाठ किया और भक्ति रस में सराबोर हुए।
                        कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे नियमित रूप से जारी रखने का संकल्प लिया।
                        इस प्रकार श्रीजानकी बाग में सम्पन्न २१वाँ साप्ताहिक श्रीहनुमान चालीसा-पाठ आध्यात्मिक ऊर्जा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण का संदेश देकर संपन्न हुआ।

Latest News

बिशुनपुर नवादा मोड़ में रामनवमी पूजा महोत्सव 2026 की तैयारी शुरू, कमिटी का गठन Garhwa