कांडी में 'सत्ता' का रण: शुरू हुआ प्रमुख पद का मतदान, भारी सुरक्षा के बीच बीडीसी तय करेंगे प्रखंड का भाग्य
कांडी (गढ़वा): कांडी प्रखंड के सियासी गलियारों में आज सुबह से ही हलचल अपने शबाब पर है। सुबह के ठीक 9 बजते ही पंचायत राजनीति के 'महाकुंभ' का आगाज हो गया है। प्रखंड प्रमुख की कुर्सी पर कब्जे के लिए वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आज यह तय हो जाएगा कि प्रखंड की राजनीति का असली 'सिकंदर' कौन होगा।
मैदान में डटे दिग्गज, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
प्रखंड मुख्यालय में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल है। रंका एसडीओ के नेतृत्व में जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मुस्तैद हैं। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारी असफाक आलम और राकेश सहाय समेत भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रखंड कार्यालय के अंदर मतदान की प्रक्रिया चल रही है, वहीं बाहर समर्थकों की धड़कनें तेज हैं।
छावनी में तब्दील मुख्यालय, 100 मीटर का दायरा सील
चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। रंका एसडीओ ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए घोषणा की है कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन की इस मुस्तैदी ने निष्पक्ष चुनाव की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
'हॉर्स ट्रेडिंग' की चर्चा और रस्साकशी का खेल
बीते कई दिनों से चल रही जोड़-तोड़ की राजनीति और 'हॉर्स ट्रेडिंग' की खबरों के बीच, आज सभी पंचायत समिति सदस्य (BDC) अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। बंद कमरों में बनी रणनीतियां क्या रंग लाती हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल मुकाबला बेहद कड़ा नजर आ रहा है और हर एक वोट की कीमत सोने जैसी है।
शाम तक सस्पेंस से उठेगा पर्दा
जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ रही हैं, यह सवाल गहराता जा रहा है कि— "आखिर ऊंट किस करवट बैठेगा?" क्या सत्ता की कमान किसी नए चेहरे के हाथ होगी या पुराने खिलाड़ी अपनी बिसात बिछाने में कामयाब रहेंगे? शाम तक नतीजों के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि कांडी प्रखंड की जनता के प्रतिनिधियों ने किसे अपना 'सरताज' चुना है।
