मालगाड़ी की चपेट में आने से शिक्षक सुनील शुक्ल की मौत, शोक की लहर news

मालगाड़ी की चपेट में आने से शिक्षक सुनील शुक्ल की मौत, शोक की लहर
श्री बंशीधर नगर : शनिवार की सुबह जैसे ही लोगों की आंखे खुली एक झकझोर देने वाली खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। श्री बंशीधर नगर थाना क्षेत्र के पाल्हे कला गांव निवासी शिक्षक नेता सह सुप्रसिद्ध कवि सुनील शुक्ल की असमायिक मौत की खबर से पूरा क्षेत्र सदमे में है। फिलहाल वे हाईस्कूल जतपुरा में पदस्थापित थे। 

सुनील शुक्ल सुबह उठ कर अपने खेत की तरफ घूमने गये थे। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान वे मालगाड़ी की चपेट में आ गये। जिससे उनकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गयी। मौत की खबर पाल्हे कला, जतपुरा समेत आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गये। थोड़ी देर में घटनास्थल पर शव देखने के लिये लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों के साथ साथ लोगों की आंखे नम थी। 

उधर घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमॉर्टम के लिये सदर अस्पताल गढ़वा भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचते ही परिजनों ने चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। दोपहर में बांकी नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके पुत्र अभिषेक शुक्ल ने दी। शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। उधर घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में लोगों ने मृतक के घर पहुंचकर दुःख व्यक्त किया तथा परिजनों को सांत्वना दी। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। 

मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी शिक्षक सुनील शुक्ल की

शिक्षक सुनील शुक्ल की मानसिक स्थिति कुछ माह से ठीक नहीं चल रही थी। उनके एक पुत्र की कुछ वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गुई थी। जिससे वे उबर नहीं पाये थे। तब से वे काफी तनाव में चल रहे थे। 

बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे सुनील शुक्ल

सुनील शुक्ल बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे कुशल शिक्षक के अलावे, कवि, गीतकार के साथ झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ रमना के सचिव भी थे। आदर्श शिक्षक के रूप में जाने वाले सुनील शुक्ल शिक्षकों के हित मे संघर्ष करने के लिये भी हरवक्त तैयार रहते थे। उनके असमायिक निधन से शिक्षा जगत स्तब्ध है। 

शिक्षा जगत ने हीरा खो दिया : कमलेश्वर पांडेय

झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कमलेश्वर पांडेय ने कहा कि सुनील शुक्ला के असमायिक निधन से शिक्षा जगत ने ऐसा हीरा खो दिया है जिसकी भरपाई मुश्किल है। वहीं शिक्षक संघ के प्रधान सचिव प्रभात रंजन सिंह, खुशदिल सिंह, अविनाश सहाय, आशुतोष रंजन सिंह, दिलीप श्रीवास्तव, रामलला मिश्रा, चंद्रदेव राम, अशोक कुमार सिंह, संजय सिंह, फुलेंद्र राम, राकेश कुमार चौबे सहित कई लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।

Latest News

महज 24 घंटे के भीतर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। Kandi