फोटो कैप्शन: बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में गिरी धान की फसल।
कांडी, प्रतिनिधि। चक्रवात अर्णव के प्रभाव से हुई लगातार बारिश और तेज हवा ने कांडी प्रखंड के किसानों की कमर तोड़ दी है। प्रखंड क्षेत्र के सनपूरा, बरवाडीह, बुनियाद बीघा, भीलमा, सरकोनी, पतिला, अमडीहा, लामारी कला, घोड़ादाग, चटनियां, बेलहथ, नारायणपुर, बनकट, सुंडीपुर, गड़कला और शिवपुर समेत दर्जनों गांवों में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पककर तैयार धान की फसल बारिश और तेज हवा के कारण जमीन पर बिछ गई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
सनपूरा गांव के किसान बबलू चंद्रवंशी, भोला मेहता, अखिलेश यादव, जोगेंद्र मेहता, शंकर यादव, सर्जक मेहता और बिजेंद्र मेहता ने संयुक्त रूप से बताया कि सातों किसानों ने लगभग 20 एकड़ भूमि में धान की खेती की थी। फसल पककर तैयार हो चुकी थी और कटाई की तैयारी चल रही थी। इसी बीच चक्रवात के प्रभाव से हुई बारिश और तेज हवा ने फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में धान की फसल गिर जाने से अब कटाई में भी परेशानी होगी। वहीं, खेतों में नमी और पानी जमा रहने से धान के दाने खराब होने तथा उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है।
किसानों ने बताया कि खेती में बीज, खाद, कीटनाशक, जुताई, मजदूरी और सिंचाई पर बड़ी रकम खर्च की गई थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सनपूरा के सात किसानों की लगभग 20 एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित होने से लाखों रुपये के संभावित नुकसान की आशंका है। हालांकि वास्तविक क्षति का आकलन खेतों के सर्वेक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इधर, कांडी प्रखंड के अन्य गांवों में भी किसानों की फसल प्रभावित होने की सूचनाएं मिल रही हैं। किसानों ने कृषि विभाग और अंचल प्रशासन से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराने, फसल क्षति का निष्पक्ष आकलन करने तथा सरकारी प्रावधानों के अनुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते उन्हें राहत नहीं मिली तो खेती में लगाई गई पूंजी निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।
