महासप्तमी पर भक्तिमय हुआ कांडी, खुले मां के पट Kandi

फोटो कैप्शन: कांडी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में महासप्तमी पर बेल तोड़ने की पारंपरिक रस्म निभाते श्रद्धालु तथा पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पट खुलने के बाद दर्शन-पूजन करते भक्त।
महासप्तमी पर भक्तिमय हुआ कांडी, खुले मां के पट

बेल तोड़ने की परंपरा के साथ मां दुर्गा का आह्वान, पूजा-पंडालों में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु; मां कालरात्रि की आराधना में लीन हुआ क्षेत्र
कांडी (गढ़वा)। शारदीय नवरात्र की महासप्तमी पर शनिवार को कांडी प्रखंड क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। प्रखंड मुख्यालय कांडी सहित पतीला, सरकोनी, कर्मा, अमस्था टोला, बरवाडीह, बलियारी, शिवपुर, सुंडीपुर, गड़कला, लामारी कला, घोड़ादाग, चटनियां, बेलहथ, भीलमा, पतरिया और सड़की समेत दर्जनों गांवों में मां दुर्गा की आराधना को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। 
शुक्रवार को षष्ठी तिथि पर विधि-विधान से बेल निमंत्रण की परंपरा निभाने के बाद शनिवार को महासप्तमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार बेल तोड़ने की रस्म पूरी की। इसके बाद बेल को पूजा-अर्चना के साथ मां भगवती को अर्पित किया गया। क्षेत्र के विभिन्न पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां दुर्गा के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही भक्तों ने मां के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। दुर्गा पूजा की पारंपरिक विधियों में बेल निमंत्रण और बेल तोड़ने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता के अनुसार, षष्ठी तिथि पर बेल वृक्ष की पूजा कर मां भगवती को आमंत्रित किया जाता है और अगले दिन सप्तमी तिथि पर विधिपूर्वक बेल तोड़कर पूजा में शामिल किया जाता है। कांडी प्रखंड के विभिन्न गांवों में भी इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। पूजा समितियों की देखरेख में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और मां के जयकारों के बीच पूजा-अर्चना से गांवों का माहौल भक्तिरस में सराबोर रहा। महासप्तमी के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए पट खोले गए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। आकर्षक ढंग से सजाए गए पूजा पंडालों में मां के दर्शन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के चरणों में पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-शांति, अच्छी सेहत, खुशहाली और क्षेत्र की समृद्धि की प्रार्थना की। नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों को भय और संकट से मुक्ति प्रदान करती हैं। महासप्तमी पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां की आराधना कर परिवार और समाज की मंगलकामना की। पूजा समितियों की तैयारियों, धार्मिक अनुष्ठानों और गांव-गांव में गूंजते देवी जयकारों ने पूरे कांडी क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। मां दुर्गा के पट खुलने के साथ ही क्षेत्र में दुर्गोत्सव की रौनक और बढ़ गई है। महाअष्टमी और महानवमी को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।

Latest News

गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड छेत्र अंतर्गत, बलियारी पंचायत के ग्राम बरवाडीह में,दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह Kandi