प्रोजेक्टर के माध्यम से बताए गए बाल विवाह के दुष्परिणाम, असुरक्षित परिवारों और स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान पर जोर
भंडरिया गढ़वा झारखंड राज्य पोषण मिशन के तत्वावधान में शुक्रवार को भंडरिया प्रखंड कार्यालय के सभागार में एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुपोषण उन्मूलन, बाल विवाह मुक्त ग्राम निर्माण, बाल संरक्षण तथा जरूरतमंद परिवारों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने को लेकर आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान रूपेश कुमार मिश्रा ने SAMAR/CMAM कार्यक्रम के तहत कुपोषित बच्चों की पहचान, स्क्रीनिंग, नियमित निगरानी एवं उचित पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की जानकारी दी। वहीं, मास्टर ट्रेनर दीपक पाठक ने बाल विवाह मुक्त ग्राम बनाने, असुरक्षित परिवारों एवं बच्चों की पहचान तथा विद्यालय छोड़ चुके बच्चों के सर्वेक्षण के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
प्रोजेक्टर के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों को दिखाकर सेविकाओं को जागरूक किया गया। साथ ही, बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के लिए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की अपील की गई।
अभियान के तहत अत्यंत गरीब, भूमिहीन एवं दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों के साथ छह से 14 वर्ष तक के विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा, पोषण, सामाजिक सुरक्षा एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में अंचलाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश भूषण सिंह, महिला पर्यवेक्षिका तृप्ति एवं गीता कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता पूर्णिमा कच्छप, रेखा कुजूर, मोहन कुमार सहित प्रखंड की सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं। भंडरिया से सतिश सिन्हा का रिपोर्ट
