बंद मकान का ताला तोड़कर 85 हजार नकद समेत आभूषण व बर्तन चोरी
कांडी (गढ़वा)। कांडी थाना क्षेत्र के देवडीह गांव में एक बंद पड़े मकान को निशाना बनाकर चोरों ने नगदी, सोने-चांदी के आभूषण समेत बड़ी संख्या में कीमती बर्तन चोरी कर लिए। घटना के बाद पीड़िता कलावती देवी, पति भिरखारी ठाकुर, ने 5 अक्टूबर को कांडी थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया और मामले में कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, देवडीह गांव निवासी 55 वर्षीय कलावती देवी का परिवार वर्तमान में गांव के मुख्य मार्ग स्थित अपने नए मकान में रहता है। वहीं उनका पुराना मकान प्रायः बंद रहता है। पीड़िता के अनुसार, 4 अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे जब वह पुराने मकान पर पहुंचीं तो मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लटका हुआ था, लेकिन दरवाजे की सिटकरी टूटी हुई थी। अंदर जाने पर घर का सामान बिखरा मिला और तीन बड़े बक्सों के ताले टूटे हुए पाए गए।
पीड़िता ने बताया कि बक्सों में रखे करीब 85 हजार रुपये नकद, सोने की कान की बाली, चांदी की पायल, चांदी की छतरी, चांदी के कान के झुमके तथा चांदी की बेलना-चौकी समेत अन्य कीमती सामान गायब थे। इसके अलावा घर में रखे पीतल और स्टील के बर्तन भी चोरी कर लिए गए।
आवेदन में कलावती देवी ने अपने गोतिया मंगल ठाकुर, पिता स्वर्गीय पारस ठाकुर पर चोरी में शामिल होने का संदेह जताया है। उन्होंने बताया कि मंगल ठाकुर के साथ रुपये के लेनदेन को लेकर पूर्व से विवाद चल रहा है। साथ ही उन्होंने युगल किशोर ठाकुर, पिता स्वर्गीय चन्द्रदेव ठाकुर पर भी घटना में संलिप्तता का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़िता ने आवेदन में पूर्व की कुछ घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए बताया है कि उनके घर से पहले लकड़ी की चौकी तथा चारा मशीन (कुट्टी काटने वाली मशीन) भी चोरी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों द्वारा उन्हें डराने-धमकाने और प्रताड़ित किए जाने के कारण उनका परिवार भयभीत रहता है।
मामले की सूचना मिलने के बाद कांडी थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया। कांडी थाना के एसआई अरविंद सिंह दल-बल के साथ देवडीह गांव पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेते हुए मामले की छानबीन की। पुलिस द्वारा आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ घटना से जुड़े संभावित साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि आवेदन में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही चोरी की घटना में वास्तविक रूप से कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा हो सकेगा।
