फोटो कैप्शन: भीलमा गांव निवासी रामगति प्रजापति के निधन के बाद पति को याद कर विलाप करतीं पत्नी शांति देवी।
73 वर्ष की उम्र में अचानक निधन, पति के बिछड़ने से बिलख उठीं शांति देवी; शोक जताने पहुंचे जनप्रतिनिधि
कांडी (गढ़वा)। मिट्टी को आकार देकर बर्तन बनाने वाले हाथ हमेशा के लिए थम गए। जीवनभर मिट्टी के बर्तन बनाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले रामगति प्रजापति के अचानक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके जाने के बाद पत्नी शांति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। जीवन के लंबे सफर में हर सुख-दुख की साथी रहीं शांति देवी पति को याद कर बार-बार बिलख उठती हैं। यह हृदयविदारक घटना कांडी प्रखंड की बलियारी पंचायत अंतर्गत भीलमा गांव की है, जहां 73 वर्षीय रामगति प्रजापति का मंगलवार की सुबह निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, रामगति प्रजापति एक दिन पहले आसपास के गांवों में लगे दुर्गा पूजा पंडालों का भ्रमण कर घर लौटे थे। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही दिन परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा। मंगलवार की भोर करीब तीन बजे वह शौच के लिए घर से खेत की ओर गए थे। शौच के बाद उठने के दौरान अचानक जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद परिजन आनन-फानन में वाहन की व्यवस्था कर उन्हें गढ़वा सदर अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया। परिजनों के मुताबिक, चिकित्सकों ने उनका रक्तचाप कम होने की बात कही। अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 8:28 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। रामगति प्रजापति अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी का परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े बेटे सत्यनारायण प्रजापति (47 वर्ष) बढ़ई का काम करते हैं। दूसरे बेटे दिनेश प्रजापति (44 वर्ष) घर पर मजदूरी करते हैं, जबकि सबसे छोटे बेटे उमेश प्रजापति (35 वर्ष) बाहर एक प्लांट में मजदूरी करते हैं। तीनों बेटों की शादी हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ रामगति अपने पारंपरिक खानदानी पेशे को भी जीवित रखे हुए थे। वह मिट्टी के बर्तन बनाकर आजीविका चलाते थे। उनकी पत्नी शांति देवी (करीब 65 वर्ष) गृहिणी हैं। वह घर संभालने के साथ-साथ मिट्टी के बर्तन बनाने में भी पति का हाथ बंटाती थीं। दोनों ने मिलकर मेहनत से परिवार का जीवन चलाया, लेकिन पति के अचानक चले जाने से शांति देवी खुद को अकेला महसूस कर रही हैं। जीवनभर साथ निभाने वाले हमसफर के बिछड़ने का दर्द उनके आंसुओं में साफ झलक रहा है। उन्हें रोता देख वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। रामगति प्रजापति के निधन की खबर मिलते ही प्रखंड प्रमुख सत्येंद्र कुमार पांडेय उर्फ पिंकू पांडेय, मुखिया पुरुषोत्तम कुमार रवि, भावी मुखिया प्रत्याशी दुर्गावती देवी, केशव तिवारी समेत कई जनप्रतिनिधि उनके घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया। रामगति प्रजापति का निधन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। अपने श्रम और पारंपरिक हुनर के सहारे जीवन बिताने वाले रामगति के अचानक चले जाने से परिजन गहरे सदमे में हैं। उनके निधन से भीलमा गांव में शोक का माहौल है।
