दस साल से बदहाल रास्ता, कीचड़ में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे Kandi

दस साल से बदहाल रास्ता, कीचड़ में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे
बरसात में चौबे-मांझीगावा-सखुईयाखला स्कूल मार्ग की हालत खराब, करीब 100 घरों के ग्रामीण परेशान
कांडी (गढ़वा)। कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मांझीगावा पंचायत में चौबे-मांझीगावा से सखुईयाखला स्कूल जाने वाला रास्ता पिछले करीब दस वर्षों से बदहाल स्थिति में है। बरसात शुरू होते ही इस मार्ग की हालत और खराब हो जाती है। जगह-जगह कीचड़ और पानी जमा हो जाने के कारण ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ती है। स्थानीय निवासी अनुराग चौबे ने बताया कि करीब एक दशक से ग्रामीण इस समस्या का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब तक रास्ते की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि इस रास्ते से करीब 100 घरों के लोग नियमित रूप से आवागमन करते हैं। इसी मार्ग से बड़ी संख्या में बच्चे विद्यालय भी जाते हैं। बारिश के दिनों में रास्ते पर कीचड़ और जलजमाव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। कई स्थानों पर फिसलन बढ़ जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
 ग्रामीणों के अनुसार सामान्य दिनों में किसी तरह लोग रास्ते से गुजर जाते हैं, लेकिन लगातार बारिश होने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। स्कूली बच्चों को रोज इसी बदहाल रास्ते से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजते समय उन्हें रास्ते की स्थिति को लेकर चिंता बनी रहती है। बारिश के कारण बच्चों की स्कूल ड्रेस, जूते और किताब-कॉपियां भी खराब होने की आशंका रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या किसी एक बरसात की नहीं है, बल्कि पिछले करीब दस वर्षों से रास्ते की स्थिति ऐसी ही बनी हुई है। इस मार्ग पर आसपास के करीब 100 घरों की आबादी निर्भर है। बच्चों के अलावा महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को भी बरसात के मौसम में आवागमन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह महत्वपूर्ण रास्ता है, बावजूद इसके लंबे समय से इसकी स्थायी मरम्मत या निर्माण नहीं होने से लोगों में निराशा है। 
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मार्ग की स्थिति का निरीक्षण कराकर जल्द आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान समस्या उत्पन्न होने के बाद अस्थायी स्तर पर समाधान करने के बजाय रास्ते का स्थायी निर्माण या मजबूतीकरण कराया जाना चाहिए, ताकि बरसात में भी बच्चों और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थल निरीक्षण करेंगे और वर्षों पुरानी इस समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल करेंगे।

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