भूख हड़ताल के चौथे दिन छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला की बिगड़ी तबीयत, कैंडल मार्च के दौरान हुए बेहोश Palamu

*रिर्पोट, धीरेन्द्र (उर्फ) गुडडू पाण्डेय की*
*पलामू चतुर्थ वर्गीय नियुक्ति: भूख हड़ताल के चौथे दिन छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला की बिगड़ी तबीयत, कैंडल मार्च के दौरान हुए बेहोश*
पलामू।।चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी बहाली की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के चौथे दिन छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह कैंडल मार्च के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े। साथियों द्वारा आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद वे पुनः आंदोलन स्थल पर लौट आए।  

शांतिपूर्ण कैंडल मार्च के दौरान घटी घटना

बीती शाम अभ्यर्थियों ने मांगों के समर्थन में हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला था। पिछले चार दिनों से लगातार जारी भूखे रहने के कारण शारीरिक कमजोरी की वजह से छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला अचानक अचेत हो गए। इलाज के बाद आंदोलन स्थल पर पहुंचे सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि जब तक अभ्यर्थियों की न्यायोचित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

प्रमुख मांगें और आंदोलन के मुख्य बिंदु

लिखित परीक्षा के आधार पर बहाली: अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति केवल शैक्षणिक अंकों के आधार पर न कराकर पारदर्शी लिखित परीक्षा के माध्यम से की जाए।  
सिलेबस और तिथि की घोषणा: परीक्षा के लिए जल्द से जल्द संशोधित नियमावली, विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus) और परीक्षा तिथि जारी की जाए।  
प्रशासनिक उपेक्षा पर रोष: आंदोलनकारियों का आरोप है कि चार दिन बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन या किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ने अभ्यर्थियों की सुध नहीं ली है।
प्रशासनिक संवाद की अपील
अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से अपील की है कि युवाओं के भविष्य और वर्षों की मेहनत को ध्यान में रखते हुए शीघ्र संवाद का रास्ता निकाला जाए। छात्र संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और प्रदर्शन जारी रहेगा।

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