रक्षाबंधन पर दिव्यांग बहन के घर पहुंचे प्रखंड प्रमुख, राखी बंधवाकर दिया जीवनभर साथ निभाने का भरोसा
सड़की की कलावती देवी ने बांधी भाई पिंकू पांडेय की कलाई पर राखी, भावुक पल का बना गवाह गांव
कांडी (गढ़वा)। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कांडी प्रखंड के सड़की गांव में भाई-बहन के रिश्ते की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रखंड प्रमुख सत्येंद्र कुमार पांडेय उर्फ पिंकू पांडेय शुक्रवार की सुबह सड़की गांव निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग कलावती देवी के घर पहुंचे और उनसे राखी बंधवाई। इस दौरान भाई-बहन ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं।
कलावती देवी के पिता स्वर्गीय कृष्णा पासवान अब इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के मौके पर प्रखंड प्रमुख का उनके घर पहुंचना और बहन से राखी बंधवाना गांव में चर्चा का विषय बन गया। राखी बंधवाने के बाद पिंकू पांडेय ने बहन को भरोसा दिलाया कि भाई के रूप में वह उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहेंगे और जरूरत पड़ने पर हरसंभव मदद करेंगे।
इस दौरान कलावती देवी ने अपनी एक महत्वपूर्ण परेशानी साझा करते हुए बताया कि उनके पास मोबाइल फोन नहीं है। इसके कारण वह अपने भाई से नियमित रूप से संपर्क नहीं कर पाती हैं और अपना हाल-समाचार भी नहीं बता पातीं। बहन की यह बात सुनते ही प्रखंड प्रमुख ने तत्काल उन्हें मोबाइल फोन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
रक्षाबंधन के इस मौके पर राखी की डोर केवल कलाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह विश्वास, अपनत्व और जिम्मेदारी के रिश्ते में बदलती नजर आई। दोनों पैरों से दिव्यांग बहन के घर पहुंचकर राखी बंधवाने और उसकी परेशानी सुनकर तत्काल मदद का भरोसा देने की पहल ने रक्षाबंधन के पर्व को एक अलग सामाजिक संदेश दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों की असली सार्थकता तभी है, जब खुशियां उन लोगों तक भी पहुंचे जिन्हें अपनेपन और सहयोग की जरूरत है। प्रखंड प्रमुख का यह कदम इसी भावना को सामने लाता है कि रिश्ते केवल खून के नहीं, बल्कि विश्वास और जिम्मेदारी से भी मजबूत होते हैं।
