ईंट आपूर्ति के नाम पर 20–25 लाख तक की कथित वसूली, चेक बाउंस के कई मामले; महुआडांड़ में बढ़ा तनाव Latehar

ईंट आपूर्ति के नाम पर 20–25 लाख तक की कथित वसूली, चेक बाउंस के कई मामले; महुआडांड़ में बढ़ा तनाव 
महुआडांड़ लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में ईंट आपूर्ति से जुड़ा मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। घर निर्माण के लिए किए गए सौदों के बीच कथित तौर पर भारी राशि की वसूली, समय पर आपूर्ति नहीं होने तथा चेक बाउंस की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है। स्थानीय स्तर पर इस पूरे लेन-देन की राशि लगभग 20 से 25 लाख रुपये तक पहुंचने की बात सामने आ रही है।इस संबंध में संदीप कुमार गुप्ता (पिता–श्याम कुमार गुप्ता), निवासी महुआडांड़ ने महुआडांड़ थाना, उपायुक्त (डीसी) लातेहार एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि ईंट आपूर्ति के नाम पर उनसे अग्रिम राशि ली गई, किंतु निर्धारित समय सीमा तक न तो ईंट उपलब्ध कराई गई और न ही राशि वापस की गई।इसी क्रम में मो० इरशाद, निवासी महुआडांड़ ने भी ₹3,20,000 की राशि से संबंधित चेक बाउंस होने की शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
मामला अब न्यायालय तक पहुंच चुका है और एक के बाद एक मामले दर्ज हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार,परिवाद वाद संख्या 106/2024 में मोहम्मद सलाम द्वारा बलराम प्रसाद के विरुद्ध परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत वाद दायर किया गया है। इस प्रकरण में आरोपी द्वारा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत प्राप्त कर ली गई है।वहीं परिवाद वाद संख्या 127/2026 में बिनोद कुमार द्वारा त्रिलोकी प्रसाद के विरुद्ध इसी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है, जिसकी अगली सुनवाई 30 जून 2026 को निर्धारित है।ग्रामीणों के अनुसार, ईंट आपूर्ति के लिए प्रति ट्रैक्टर (लगभग 1500 ईंट) ₹9000 की दर तय की गई थी तथा हजारों ईंट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। आरोप है कि अलग-अलग लोगों से अग्रिम राशि ली गई, किंतु समय बीतने के बाद भी आपूर्ति नहीं की गई। बाद में भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गए, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप धारण कर लिया है।इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तो और भी पीड़ित सामने आ सकते हैंकानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, चेक बाउंस से संबंधित मामलों में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर सजा एवं जुर्माना दोनों संभव है।

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