भक्ति और सेवा का अनूठा संगम: बलियारी में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ की तैयारियाँ परवान पर, 'श्रमदान' से सज रहा यज्ञ स्थल
कांडी (गढ़वा): धर्म और अध्यात्म की पावन धारा में सराबोर होने के लिए कांडी का बलियारी क्षेत्र पूरी तरह तैयार है। श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के संकल्प को साकार करने के लिए ग्रामीण श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और शक्ति झोंक दी है। यज्ञ की तिथि जैसे-जैसे निकट आ रही है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं का उत्साह सातवें आसमान पर है।
दिन-रात सेवा में जुटे कर्मयोगी
यज्ञ मंडप और आयोजन स्थल को भव्य रूप देने के लिए ग्रामीण 'कर्मयोगी' बनकर मैदान में उतर चुके हैं। यहाँ ऊंच-नीच और भेदभाव को भुलाकर लोग 'श्रमदान' के जरिए पुण्य कमा रहे हैं। काशी कटाई से लेकर बांस कटाई तक का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। योगेन्द्र दुबे, सुधीर कुमार दुबे, विकाश कुमार दुबे, प्रवीण कुमार दुबे और मनोज दुबे सहित दर्जनों श्रद्धालु दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। इस पुनीत कार्य में राम लखन चंद्रबंशी, दिलीप दुबे, शंभु नाथ दुबे, डबलू दुबे और रामप्यारे राम जैसे समर्पित सेवादार सनातन सत्संग की इस लहर में डुबकी लगा रहे हैं।
घर-घर पहुँच रहा महायज्ञ का निमंत्रण
केवल श्रमदान ही नहीं, बल्कि महायज्ञ की भव्यता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यज्ञ समिति बलियारी भी पूरी तरह सक्रिय है। अध्यक्ष अणु दुबे के कुशल नेतृत्व में पदाधिकारियों की टोली गढ़वा के कोने-कोने में बसे श्रद्धालुओं के द्वार तक पहुँच रही है। शशिकांत दुबे, धर्मेंद्र दुबे, बिनोद दुबे और सोनू शशिकांत दुबे जैसे सदस्य न केवल निमंत्रण दे रहे हैं, बल्कि इस धार्मिक महाकुंभ को सफल बनाने के लिए सहयोग का आग्रह भी कर रहे हैं।
पुण्य के भागी बन रहे श्रद्धालु
इस महायज्ञ में अनुग्रह नारायण दुबे, अरविंद दुबे, राजेश दुबे, सुशील दुबे और कौशल दुबे सहित पूरी टीम अपनी निष्ठा से समाज को जोड़ने में लगी है। श्रमदान करने वाले अन्य प्रमुख चेहरों में रामप्रवेश दुबे, शंभु दुबे, अवतार साह, लछुमन राम, गुलाबचन साह, बिनोद दुबे, सुरजीत दुबे, संचिता नंद दुबे, शिव दुबे, देव नारायण दुबे, बिजेंद्र दुबे, महेंद्र दुबे और गुप्तेश्वर दुबे का नाम शामिल है, जो आपसी मेल-जोल से भक्ति की नई मिसाल पेश कर रहे हैं।
