अग्रवाल परिवार की अनवरत सेवा को 103 सप्ताह पूरे, सैकड़ों लोगों को मिला प्रसाद रूपी भोजन Garhwa

गढ़वा से विकास कुमार की रिपोर्ट 

अग्रवाल परिवार की अनवरत सेवा को 103 सप्ताह पूरे, सैकड़ों लोगों को मिला प्रसाद रूपी भोजन,सेवा से ही समाज मजबूत होता है 
– आज गढ़वा शहर के रंका मोड़ स्थित संकट मोचन मंदिर के समीप एक बार फिर मानवता, सेवा और सामाजिक सरोकार की शानदार मिसाल देखने को मिली। अग्रवाल परिवार की ओर से सैकड़ों जरूरतमंदों के बीच प्रसाद रूपी भोजन के रूप में खिचड़ी का वितरण किया गया।यह आयोजन केवल एक भोजन वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर 103 सप्ताह तक बिना रुके चल रही सेवा यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव था। बीते दो वर्षों से भी अधिक समय से हर सप्ताह लोगों की सेवा कर रहा अग्रवाल परिवार आज गढ़वा में सामाजिक सेवा का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है।शनिवार की सुबह से ही संकट मोचन मंदिर के पास श्रद्धा, सेवा और सहयोग का वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में  लोग कतारबद्ध होकर सम्मान के साथ भोजन ग्रहण करते नजर आए। प्रसाद के रूप में दी गई खिचड़ी न केवल पेट भरने का साधन बनी, बल्कि लोगों के चेहरे पर संतोष और सुकून भी साफ झलकता रहा।मौके पर राजीव रंजन अग्रवाल ने कहा,“103 सप्ताह पूरे होना हमारे लिए गर्व का विषय है। यह सेवा ईश्वर की कृपा और समाज के सहयोग से ही संभव हो पाई है। हमारा प्रयास है कि कोई भी भूखा न रहे।” वही संतोष अग्रवाल ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा,“सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। प्रसाद रूपी भोजन कराकर जो आत्मिक सुख मिलता है, वही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है
वही हर्ष अग्रवाल ने कहा,“हमारा उद्देश्य सिर्फ भोजन देना नहीं, बल्कि लोगों को सम्मान के साथ अपनापन महसूस कराना है।”साथ ही “युवाओं और बच्चों को सेवा से जोड़ना जरूरी है, ताकि समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना मजबूत हो।”वही पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कहा,“जब तक हमारे पास सामर्थ्य है, तब तक यह सेवा अनवरत चलती रहेगी। समाज के लिए कुछ करना ही सच्ची पूंजी है।”इस पुण्य अवसर पर राजीव रंजन अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, विनय कश्यप, चन्द्र प्रकाश अग्रवाल , आशुतोष अग्रवाल, हर्ष अग्रवाल, पुरुषोत्तम अग्रवाल, श्रेयश गर्ग, शशांक गर्ग, अथर्व अग्रवाल के साथ-साथ अन्य सहयोगी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पूरे समर्पण और विनम्रता के साथ सेवा कार्य को सफल बनाया! 
            

Latest News

कमलेश कुमार की मंगलवार की रात्रि में अकस्मात मौत Kandi