प्रशासन का बुलडोजर सड़कों पर नहीं उतरा। Kandi

साकेत मिश्रा की रिर्पोट 
कांडी (गढ़वा): कांडी बाजार क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के प्रशासन के दावों पर शनिवार को उस समय विराम लग गया, जब तय कार्यक्रम के बावजूद प्रशासन का बुलडोजर सड़कों पर नहीं उतरा।
 शुक्रवार को जिस तरह से पूरे क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों और लाउडस्पीकर के जरिए अतिक्रमण हटाने की मुनादी कराई गई थी, उससे दुकानदारों में हड़कंप था। शनिवार सुबह से ही लोगों की निगाहें प्रशासन की ओर टिकी थीं, लेकिन देर शाम तक कार्रवाई शुरू न होने पर बाजार में तरह-तरह की चर्चाएं तैरती रहीं।
प्रशासनिक व्यस्तता ने टाला अभियान
दिन भर संशय की स्थिति बने रहने के बाद अंचलाधिकारी राकेश सहाय ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन की अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में व्यस्तता के कारण शनिवार को अभियान संचालित नहीं किया जा सका। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ यह जंग थमी नहीं है, बल्कि अब सोमवार को पूरी ताकत के साथ प्रशासन बाजार क्षेत्र में उतरेगा और नाली व सड़क घेरे बैठे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहली बारिश ने खोली दावों की पोल, जलमग्न हुआ बाजार
एक तरफ प्रशासन का बुलडोजर खामोश रहा, तो दूसरी तरफ शनिवार शाम करीब 4 बजे हुई तेज बारिश ने अतिक्रमण की भयावह तस्वीर पेश कर दी। महज आधे घंटे की बारिश में ही पूरा कांडी बाजार टापू में तब्दील हो गया। मुख्य सड़क पर घुटनों तक पानी जमा होने से राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।
नाली जाम होने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि रसूखदार दुकानदारों ने नालियों के ऊपर तक पक्का निर्माण और अतिक्रमण कर लिया है। इसके चलते जल निकासी पूरी तरह बाधित है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए, तो आने वाले बरसात के दिनों में स्थिति और भी नारकीय हो जाएगी। फिलहाल, सभी की नजरें अब सोमवार पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन अपने वादे के मुताबिक बुलडोजर चलाकर बाजार को इस समस्या से निजात दिला पाता है या नहीं।

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