चौबे मझिगावां गांव में आयोजित सात दिवसीय यज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा Kandi

साकेत मिश्रा की रिर्पोट 
हरिहरपुर। ओपी क्षेत्र अंतर्गत चौबे मझिगावां गांव में आयोजित सात दिवसीय यज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण इन दिनों ग्रामीण श्रद्धा भाव से कर रहे हैं।
 कथा का आयोजन सखुईया खाला टोला में किया गया है। काशी के विद्वान कथा वाचक डॉ. धनंजय त्रिपाठी द्वारा श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया जा रहा है।
कथा के तीसरे दिन डॉ. त्रिपाठी ने गोकर्ण जी की कथा सुनाते हुए कहा कि जीवन में अधिकांश वस्तुएं सहज रूप से प्राप्त हो जाती हैं, लेकिन सत्संग दुर्लभ होता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की कृपा से ही संतों का सान्निध्य और सत्संग का अवसर मिलता है। उन्होंने सनातन धर्म को सर्वोत्तम बताते हुए कहा कि विश्व के अन्य सभी धर्म लोकधर्म हैं, जबकि सनातन धर्म अत्यंत प्राचीन और मूल धर्म है, जो अनादि काल से चला आ रहा है। कथा के माध्यम से उन्होंने समझाया कि यह शरीर नश्वर है, इसलिए इस पर अहंकार नहीं करना चाहिए। अध्यात्म के पांच विषयों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने ‘बिना माई के बेटा अधूरा बा’ भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि जो पुत्र अपने माता-पिता पर अत्याचार करता है, उसे मृत्यु के पश्चात गया में पिंडदान और श्राद्ध के बाद भी मुक्ति प्राप्त नहीं होती।
कथा के मुख्य यजमान श्रीकांत चौबे एवं अमरावती देवी हैं। यह धार्मिक आयोजन 23 अप्रैल से प्रारंभ है और 29 अप्रैल तक चलेगा।

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